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Kathua News: भूख हड़ताल पर बैठे लोगों से मिले डॉ. फारूख अब्दुल्ला
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संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस वे की जद में आई भूमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर छन्न अरोड़ियां में पिछले चार सप्ताह से भूख हड़ताल पर लोग बैठे हैं। वीरवार को हड़ताल पर बैठे लोगों से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह उनके मुद्दे को सड़क परिवहन और राष्ट्रीय मार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखेंगे।
डॉ. फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफसोस की बात है कि लोग यहां भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनकी किसी ने कोई सुध नहीं ली है। यह लोग सरकार से अपना हक मांग रहे हैं और लोकतांत्रिक देश में संघर्ष कर अपना हक मांगना कोई बुरी बात नहीं है। लोगों को पूरा अधिकार है कि अपनी मांग को लेकर संघर्ष करें, लेकिन संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से ही सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे की जद में आई भूमि के मुआवजे की जो जानकारी उन्हें दी गई है वह ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। इसमें कई लोगों का रोजगार छिन रहा है और कई लोग बेघर हो रहे हैं उनके लिए दो तीन या चार लाख रुपए मुआवजा कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी इस मामले में बात करेंगे। वहीं यहां भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने उन्हें समर्थन करने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नेंका नेता धर्मपाल कुंडल, चरनप्रीत सिंह, सोहन सिंह, गोल्डी शर्मा, अश्वनी कुमार, कुलदीप राज आदि मौजूद रहे।
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हीरानगर। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस वे की जद में आई भूमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर छन्न अरोड़ियां में पिछले चार सप्ताह से भूख हड़ताल पर लोग बैठे हैं। वीरवार को हड़ताल पर बैठे लोगों से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह उनके मुद्दे को सड़क परिवहन और राष्ट्रीय मार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखेंगे।
डॉ. फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफसोस की बात है कि लोग यहां भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनकी किसी ने कोई सुध नहीं ली है। यह लोग सरकार से अपना हक मांग रहे हैं और लोकतांत्रिक देश में संघर्ष कर अपना हक मांगना कोई बुरी बात नहीं है। लोगों को पूरा अधिकार है कि अपनी मांग को लेकर संघर्ष करें, लेकिन संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से ही सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे की जद में आई भूमि के मुआवजे की जो जानकारी उन्हें दी गई है वह ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। इसमें कई लोगों का रोजगार छिन रहा है और कई लोग बेघर हो रहे हैं उनके लिए दो तीन या चार लाख रुपए मुआवजा कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी इस मामले में बात करेंगे। वहीं यहां भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने उन्हें समर्थन करने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नेंका नेता धर्मपाल कुंडल, चरनप्रीत सिंह, सोहन सिंह, गोल्डी शर्मा, अश्वनी कुमार, कुलदीप राज आदि मौजूद रहे।
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