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Kathua News: जून से नए ब्लॉक में शिफ्ट होगी जीएमसी कठुआ की इमरजेंसी
Sun, 14 May 2023 01:10 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 14 May 2023 01:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल की क्षमता 300 बेड से बढ़कर इसी साल 500 बेड की होने जा रही है। यानि की पांच हजार मरीजों को संभालने की क्षमता जिले के इस सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में अक्तूबर या नवंबर महीने तक हो जाएगी। खास बात यह भी है कि सुविधाओं में विस्तार के तहत जून महीने से ही इमरजेंसी ब्लॉक को नई इमारत में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। अबतक जहां इमरजेंसी वार्ड में पांच से छह बेड ही उपलब्ध थे, वहीं अब इमरजेंसी में 20 बेड, दस बेड आब्जर्वेशन वार्ड और दस ट्रायएज में उपलब्ध हो जाएंगे।
जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में 200 बेड की क्षमता बढ़ाने के लिए इमारत की नींव पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सितंबर 2019 में रखी थी। कायदे से इस परियोजना को पहले ही जहां पूरा कर लिया जाना था वहीं कोरोना महामारी के चलते यह परियोजना लटकती चली गई। उधर, अधिकारियों की मानें तो इमारत के ग्राउंड फ्लोर में चालीस बेड की इमरजेंसी ब्लॉक के साथ ही पहले फ्लोर पर वार्ड का काम लगभग पूरा हो चुका है। ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के स्थापित होने के साथ ही इस इमारत में इमरजेंसी को बहाल कर दिया जाएगा।
दरअसल, प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों के साथ ही जीएमसी कठुआ का काम वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। जीएमसी में सीटों को बढ़ाए जाने के साथ ही इसके सहायक अस्पताल की क्षमता पांच सौ बेड ही होना अनिवार्य था। ऐसे में इसके लिए यह परियोजना तैयार की गई। जीएमसी के सहायक अस्पताल परिसर में ही 30 करोड़ की लागत से 200 बेड की क्षमता वाली इमारत तैयार की जा रही है। जिसमें 170 बेड की क्षमता के साथ ऊपर के दो फ्लोर के वार्ड अक्तूबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल पहले दो फ्लोर में स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू कर दिया जाएगा।
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इमरजेंसी के शिफ्ट होने से अस्पताल की तंगी होगी दूर
जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में दाखिल होने के साथ ही सबसे पहले इमरजेंसी ब्लॉक आता है। ऐसे में वाहनों का जमावड़ा यहां लगा रहता है तो वहीं पार्किंग के चलते लोगों को अस्पताल में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इमरजेंसी को अलग ब्लॉक में शिफ्ट हो जाने से पार्किंग से लेकर अन्य समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। ऐसे में अस्पताल की अन्य सेवाओं को सुचारू रखा जा सकेगा।
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यह सुविधाएं होंगी नई इमारत में
अस्पताल के दो सौ बेड की नई इमारत के ग्राउंड फ्लोर में बीस इमरजेंसी बेड, दस आब्जर्वेशन बेड और दस ट्रायएज की सुविधा होगी। इसके अलावा दो आपात आपात थियेटर के साथ ही तीन अलग अलग क्षमता के एक्स रे प्लांट भी होंगे। ग्राउंड फ्लोर में ही एमआरआई, सिटी स्कैन, क्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड की सुविधा रहेगी। साथ ही पूरा रेडियोलॉजी विभाग भी इसी ब्लॉक से काम करेगा। इसके बाद पहले फ्लोर पर 50 बेड की सुविधा के साथ वार्ड उपलब्ध होंगे।
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ऑक्सीजन की दिक्कत भी हुई दूर, स्थापित हो रहा 300 एलपीएम का प्लांट
इस ब्लॉक तक ऑक्सीजन पाइपलाइन को पहुंचाने की सबसे बड़ी दिक्कत के समाधान के बाद भी प्रेशर नियमित रखना बड़ी चुनौती था, जिसका भी समाधान हो गया है। एक संस्था की ओर से सामाजिक उत्तदायित्व के तहत 300 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट भी स्थापित होने जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो जून में उपराज्यपाल इस नए ब्लॉक और ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट को जनसमर्पित करने जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से बाकायदा ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के लिए प्लांट रूम का टेंडर करवाया जा चुका है और उपकरण भी हासिल हो गए हैं।
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जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल के लिए दो सौ बेड की सुविधा बढ़ाने का काम तेजी से जारी है। जल्द ही यह सुविधाएं लोगों के लिए शुरू कर दी जाएंगी।
डॉ सुरेंद्र अत्री
प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ
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कठुआ। जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल की क्षमता 300 बेड से बढ़कर इसी साल 500 बेड की होने जा रही है। यानि की पांच हजार मरीजों को संभालने की क्षमता जिले के इस सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में अक्तूबर या नवंबर महीने तक हो जाएगी। खास बात यह भी है कि सुविधाओं में विस्तार के तहत जून महीने से ही इमरजेंसी ब्लॉक को नई इमारत में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। अबतक जहां इमरजेंसी वार्ड में पांच से छह बेड ही उपलब्ध थे, वहीं अब इमरजेंसी में 20 बेड, दस बेड आब्जर्वेशन वार्ड और दस ट्रायएज में उपलब्ध हो जाएंगे।
जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में 200 बेड की क्षमता बढ़ाने के लिए इमारत की नींव पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सितंबर 2019 में रखी थी। कायदे से इस परियोजना को पहले ही जहां पूरा कर लिया जाना था वहीं कोरोना महामारी के चलते यह परियोजना लटकती चली गई। उधर, अधिकारियों की मानें तो इमारत के ग्राउंड फ्लोर में चालीस बेड की इमरजेंसी ब्लॉक के साथ ही पहले फ्लोर पर वार्ड का काम लगभग पूरा हो चुका है। ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के स्थापित होने के साथ ही इस इमारत में इमरजेंसी को बहाल कर दिया जाएगा।
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दरअसल, प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों के साथ ही जीएमसी कठुआ का काम वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। जीएमसी में सीटों को बढ़ाए जाने के साथ ही इसके सहायक अस्पताल की क्षमता पांच सौ बेड ही होना अनिवार्य था। ऐसे में इसके लिए यह परियोजना तैयार की गई। जीएमसी के सहायक अस्पताल परिसर में ही 30 करोड़ की लागत से 200 बेड की क्षमता वाली इमारत तैयार की जा रही है। जिसमें 170 बेड की क्षमता के साथ ऊपर के दो फ्लोर के वार्ड अक्तूबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल पहले दो फ्लोर में स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू कर दिया जाएगा।
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इमरजेंसी के शिफ्ट होने से अस्पताल की तंगी होगी दूर
जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में दाखिल होने के साथ ही सबसे पहले इमरजेंसी ब्लॉक आता है। ऐसे में वाहनों का जमावड़ा यहां लगा रहता है तो वहीं पार्किंग के चलते लोगों को अस्पताल में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इमरजेंसी को अलग ब्लॉक में शिफ्ट हो जाने से पार्किंग से लेकर अन्य समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। ऐसे में अस्पताल की अन्य सेवाओं को सुचारू रखा जा सकेगा।
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यह सुविधाएं होंगी नई इमारत में
अस्पताल के दो सौ बेड की नई इमारत के ग्राउंड फ्लोर में बीस इमरजेंसी बेड, दस आब्जर्वेशन बेड और दस ट्रायएज की सुविधा होगी। इसके अलावा दो आपात आपात थियेटर के साथ ही तीन अलग अलग क्षमता के एक्स रे प्लांट भी होंगे। ग्राउंड फ्लोर में ही एमआरआई, सिटी स्कैन, क्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड की सुविधा रहेगी। साथ ही पूरा रेडियोलॉजी विभाग भी इसी ब्लॉक से काम करेगा। इसके बाद पहले फ्लोर पर 50 बेड की सुविधा के साथ वार्ड उपलब्ध होंगे।
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ऑक्सीजन की दिक्कत भी हुई दूर, स्थापित हो रहा 300 एलपीएम का प्लांट
इस ब्लॉक तक ऑक्सीजन पाइपलाइन को पहुंचाने की सबसे बड़ी दिक्कत के समाधान के बाद भी प्रेशर नियमित रखना बड़ी चुनौती था, जिसका भी समाधान हो गया है। एक संस्था की ओर से सामाजिक उत्तदायित्व के तहत 300 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट भी स्थापित होने जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो जून में उपराज्यपाल इस नए ब्लॉक और ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट को जनसमर्पित करने जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से बाकायदा ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के लिए प्लांट रूम का टेंडर करवाया जा चुका है और उपकरण भी हासिल हो गए हैं।
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जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल के लिए दो सौ बेड की सुविधा बढ़ाने का काम तेजी से जारी है। जल्द ही यह सुविधाएं लोगों के लिए शुरू कर दी जाएंगी।
डॉ सुरेंद्र अत्री
प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ