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Kathua News: अवैध शराब तस्करी मामले में आरोपी बरी
Mon, 28 Jul 2025 01:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 28 Jul 2025 01:23 AM IST
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वर्ष 2017 का है मामला, आरोपी को बिलावर पुलिस ने 48 बोतल शराब के साथ किया गिरफ्तार
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट बिलावर की अदालत ने अवैध शराब परिवहन के आठ साल पुराने मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार मामले की जांच एक ऐसे पुलिस अधिकारी ने की जो इसके लिए आबकारी अधिनियम के तहत सक्षम नहीं था।
लिहाजा आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी के जमानती और व्यक्तिगत बांड को भी रद्द करने का निर्देश दिया है। कोर्ट में पुलिस की ओर दायर रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी लाल चंद को बिलावर पुलिस ने अवैध रूप से शराब की तस्करी करने के आरोप में बिलावर इलाके से गिरफ्तार किया था।
मामला 8 जून 2017 का है जब पुलिस को इलाके में अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने बिलावर सुकराला मार्ग पर नाका लगाकर महिंद्रा वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। इस दौरान वाहन से 48 बोतल जेके एक्साइज ब्रांड की शराब बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इससे वह अवैध रूप से परिवहन कर रहा था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 48 (ए) के तहत मामला दर्ज कर 28 जून 2017 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामले में जांच पुलिस के एएसआई स्तर के अधिकारी ने की है जो इस मामले में जांच करने के लिए सक्षम नहीं था। इसके बाद अदालत ने जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के निर्णय राज्य बनाम श्याम सिंह (2018) का हवाला देते हुए माना कि आबकारी अधिनियम के तहत केवल विशेष रूप से अधिकृत अधिकारी ही जांच कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।
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कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट बिलावर की अदालत ने अवैध शराब परिवहन के आठ साल पुराने मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार मामले की जांच एक ऐसे पुलिस अधिकारी ने की जो इसके लिए आबकारी अधिनियम के तहत सक्षम नहीं था।
लिहाजा आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी के जमानती और व्यक्तिगत बांड को भी रद्द करने का निर्देश दिया है। कोर्ट में पुलिस की ओर दायर रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी लाल चंद को बिलावर पुलिस ने अवैध रूप से शराब की तस्करी करने के आरोप में बिलावर इलाके से गिरफ्तार किया था।
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मामला 8 जून 2017 का है जब पुलिस को इलाके में अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने बिलावर सुकराला मार्ग पर नाका लगाकर महिंद्रा वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। इस दौरान वाहन से 48 बोतल जेके एक्साइज ब्रांड की शराब बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इससे वह अवैध रूप से परिवहन कर रहा था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 48 (ए) के तहत मामला दर्ज कर 28 जून 2017 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामले में जांच पुलिस के एएसआई स्तर के अधिकारी ने की है जो इस मामले में जांच करने के लिए सक्षम नहीं था। इसके बाद अदालत ने जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के निर्णय राज्य बनाम श्याम सिंह (2018) का हवाला देते हुए माना कि आबकारी अधिनियम के तहत केवल विशेष रूप से अधिकृत अधिकारी ही जांच कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।
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