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Kathua News: सड़क पर बह रहे पानी से राहगीर हो रहे परेशान

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कस्बे से सीमावर्ती गांवों को जोड़ने वाली सकड़ पर भरा पानी। - संवाद - फोटो : KATHUA
हीरानगर। तहसील मुख्यालय को सीमावर्ती गांवों से जोड़ने वाली सड़क पर दशहरा मैदान के नजदीक दशकों से बह रहा नाले के पानी से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नाले के पानी की निकासी की व्यवस्था या यहां पुलिया बनाने की मांग कई बार लोग नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से कर चुके हैं। ब्लॉक दिवस और बैक टू विलेज कार्यक्रमों में भी कई बार लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के समक्ष समस्या के समाधान की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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दरअसल सड़क पर बने स्लैब पर दिन-रात कस्बे के पास से निकलने वाले एक प्राकृतिक नाले का पानी बहता है। इस वजह से स्लैब में बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। इन गड्ढों में पानी भरने की वजह से कई बार दो पहिया वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं होता है, और गिरकर घायल होते हैं। ऐसे में हादसे से बचने के लिए दो पहिया वाहन चालक नीचे उतर कर इस स्लैब को पार करते हैं। पानी की वजह से यहां फिसलन भी है जिस वजह से कई बार वाहन फिसलने से लोग गिरते भी हैं। चकड़ा के पूर्व सरपंच राकेश शर्मा ने कहा कि 40 वर्ष से भी अधिक समय से इस सड़क पर बनी इस स्लैब में निरंतर नाले का पानी बह रहा है। कई बार दोपहिया वाहन चालक यहां हादसे का शिकार भी होते हैं। उन्होंने कहा बैक टू विलेज के सभी कार्यक्रमों में इस स्लैब पर पुलिया डालने की मांग की गई लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ज्यादातर सीमावर्ती गांव के लोगों को तहसील मुख्यालय जाने के लिए यही रूट छोटा पड़ता है। लेकिन नाले की वजह से हादसे के डर से लोग मीलों सफर तय कर दूसरे रास्ते से तहसील मुख्यालय आते जाते हैं। बोबिया के सरपंच भारत भूषण ने कहा स्लैब पर पुलिया डालने की मांग कई बार सीमावर्ती लोग और हीरानगर कस्बे के लोगों ने नेताओं और अधिकारियों से कर चुके हैं। लेकिन इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा यहां पानी चलते रहने से दोपहिया वाहनों का गुजरना खतरे से खाली नहीं है। लोगों ने प्रशासन से पुलिया बनाकर समस्या का समाधान करने की मांग की। लोक निर्माण विभाग के एईई विजय अत्रि ने बताया कि करीब 3 किलोमीटर सड़क के दोहरीकरण के लिए डीपीआर तैयार करके नवार्ड में भेजी गई है। स्वीकृति मिलती है तो इस मार्ग पर जहां स्लैब है वहां कॉसवे बनेंगे, जिससे सड़क पर पानी की समस्या का हल हो जाएगा।
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