{"_id":"636fe6e10a64d6288a7d201e","slug":"kathua-kathua-news-jmu2721454146","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदर्श ग्राम योजना के तहत 37 गांवों में हो रहा विकास कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदर्श ग्राम योजना के तहत 37 गांवों में हो रहा विकास कार्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। जिला उपायुक्त राहुल पांडेय ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत उपलब्धियां एवं लंबित मामलों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के जिला अधिकारी की ओर से बताया गया कि योजना को जिले के ऐसे 37 गांव में चलाया जा रहा है जहां अनुसूचित जनजाति के लोगों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। बीते वित्तीय वर्ष के दौरान इस योजना के तहत उपलब्धियों के संबंध में भी जानकारी दी गई।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अब्दुल रहीम ने बताया कि योजना के तहत कुल 175 कार्यों की पहचान की गई, जिनमें से 72 कार्य पूरे हो चुके हैं। 38 कार्य छोड़ दिए गए हैं जबकि 65 कार्य प्रगति पर हैं। यह भी बताया गया कि योजना के तहत अब तक दो करोड़ 87 लाख के लगभग राशि खर्च की जा चुकी है।
जिला उपायुक्त ने संबंधित विभागों को बुनियादी ढांचागत आवश्यकताओं का गहन मूल्यांकन कर विकास कार्यों के अनुमानों को शीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को समन्वित तरीके से काम करने पर बल दिया। बताया कि प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई), वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार की एक पहल है। बैठक में मुख्य योजना अधिकारी कठुआ, कार्यकारी अभियंता जेपीडीसीएल, कार्यकारी अभियंता जल शक्ति विभाग, कार्यकारी अभियंता भूजल, ब्लॉक विकास अधिकारी बरनोटी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी अब्दुल रहीम ने बताया कि योजना के तहत कुल 175 कार्यों की पहचान की गई, जिनमें से 72 कार्य पूरे हो चुके हैं। 38 कार्य छोड़ दिए गए हैं जबकि 65 कार्य प्रगति पर हैं। यह भी बताया गया कि योजना के तहत अब तक दो करोड़ 87 लाख के लगभग राशि खर्च की जा चुकी है।
विज्ञापन
जिला उपायुक्त ने संबंधित विभागों को बुनियादी ढांचागत आवश्यकताओं का गहन मूल्यांकन कर विकास कार्यों के अनुमानों को शीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को समन्वित तरीके से काम करने पर बल दिया। बताया कि प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई), वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार की एक पहल है। बैठक में मुख्य योजना अधिकारी कठुआ, कार्यकारी अभियंता जेपीडीसीएल, कार्यकारी अभियंता जल शक्ति विभाग, कार्यकारी अभियंता भूजल, ब्लॉक विकास अधिकारी बरनोटी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन