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Kathua News: हीरानगर में हाईवे सही, लेकिन मोबाइल सिग्नल नहीं
Wed, 20 Sep 2023 01:26 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 20 Sep 2023 01:26 AM IST
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घटिया मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा से आसपास के इलाकों के लोग परेशान
डिजिटल इंडिया के दावों की खुल रही पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। जहां एक तरफ डिजिटल इंडिया के तहत हर काम को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है और ग्रामीण इलाकों तक इंटरनेट की सुविधा पहुंचने के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में हाइवे से सटे इलाकों में भी कमजोर सिग्नल और कमजोर इंटरनेट सुविधा से लोगों को परेशान होना पड़े तो कहीं न कहीं डिजिटल इंडिया के दावों की पोल खुलती है।
हाईवे से सटे गांव छन्न मोरियां, कूटा, बनेड में लोगों को कमजोर मोबाइल सिग्नल के चलते कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी मोबाइल कंपनी का सिग्नल यहां इतना मजबूत नहीं है कि नियमित ढंग से हाई स्पीड इंटरनेट चलाया जा सके और बिना कॉल कटे बात हो सके। कई बार लोग मोबाइल पर कमजोर सिग्नल की शिकायत कंपनियों के टोल फ्री नंबरों पर कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है की बच्चों की पढ़ाई से लेकर सरकारी दस्तावेज बनाने तक हर काम ऑनलाइन हो रहा है ताकि लोग घर बैठे अपने मोबाइल से अपना काम निपटा सकें। लेकिन बेहतर इंटरनेट की सुविधा न होने के कारण मजबूरन या तो सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं या फिर उसके आसपास खुले कंप्यूटर केंद्रों में जाना पड़ता है।
गांव हाईवे से सटा है, लेकिन यहां मोबाइल सिग्नल इतना घटिया है जिससे लगता है किसी जंगल में रहते हैं। सरकार ग्रामीण इलाकों तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन यहां हाईवे के किनारे भी लोग हाई स्पीड इंटरनेट को तरस रहे हैं। यहां किसी भी मोबाइल कंपनी का सिग्नल इतना मजबूत नहीं है कि बिना कॉल कटे बात हो सके और बिना रुके मोबाइल इंटरनेट चल सके।
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- नीटू खजूरिया, निवासी, बनेड़
इलाके में भी मोबाइल सिगनल बेहद कमजोर है। सभी कंपनियों के सिम रखे हैं लेकिन सिग्नल सबका एक जैसा ही है। कमजोर सिग्नल के चलते मोबाइल का इंटरनेट भी रुक-रुक कर चलता है जिससे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर डिजिटल पेमेंट को लेकर परेशान होना पड़ता है।
- सोनू शर्मा, दुकानदार, छन्न मोरियां
उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए इंटरनेट सुविधा आज के युग में बेहद जरूरी हो चुकी है। जहां देशभर में 5जी का जमाना आ गया है लेकिन हमारे यहां आज भी मोबाइल इंटरनेट रुक रुक कर चलता है। कमजोर सिग्नल के चलते किसी से बात करते समय कई बार कॉल कटता है। अगर हाईवे के किनारे मोबाइल सिग्नल की यह हालत है तो पिछड़े ग्रामीण इलाकों में क्या हाल होगा। हर महीने मोटे रिचार्ज करने के बाद भी हमें वह सुविधा नहीं मिल रही जो मिलनी चाहिए।
- राकेश शर्मा, स्थानीय
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डिजिटल इंडिया के दावों की खुल रही पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। जहां एक तरफ डिजिटल इंडिया के तहत हर काम को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है और ग्रामीण इलाकों तक इंटरनेट की सुविधा पहुंचने के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में हाइवे से सटे इलाकों में भी कमजोर सिग्नल और कमजोर इंटरनेट सुविधा से लोगों को परेशान होना पड़े तो कहीं न कहीं डिजिटल इंडिया के दावों की पोल खुलती है।
हाईवे से सटे गांव छन्न मोरियां, कूटा, बनेड में लोगों को कमजोर मोबाइल सिग्नल के चलते कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी मोबाइल कंपनी का सिग्नल यहां इतना मजबूत नहीं है कि नियमित ढंग से हाई स्पीड इंटरनेट चलाया जा सके और बिना कॉल कटे बात हो सके। कई बार लोग मोबाइल पर कमजोर सिग्नल की शिकायत कंपनियों के टोल फ्री नंबरों पर कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है की बच्चों की पढ़ाई से लेकर सरकारी दस्तावेज बनाने तक हर काम ऑनलाइन हो रहा है ताकि लोग घर बैठे अपने मोबाइल से अपना काम निपटा सकें। लेकिन बेहतर इंटरनेट की सुविधा न होने के कारण मजबूरन या तो सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं या फिर उसके आसपास खुले कंप्यूटर केंद्रों में जाना पड़ता है।
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गांव हाईवे से सटा है, लेकिन यहां मोबाइल सिग्नल इतना घटिया है जिससे लगता है किसी जंगल में रहते हैं। सरकार ग्रामीण इलाकों तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन यहां हाईवे के किनारे भी लोग हाई स्पीड इंटरनेट को तरस रहे हैं। यहां किसी भी मोबाइल कंपनी का सिग्नल इतना मजबूत नहीं है कि बिना कॉल कटे बात हो सके और बिना रुके मोबाइल इंटरनेट चल सके।
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- नीटू खजूरिया, निवासी, बनेड़
इलाके में भी मोबाइल सिगनल बेहद कमजोर है। सभी कंपनियों के सिम रखे हैं लेकिन सिग्नल सबका एक जैसा ही है। कमजोर सिग्नल के चलते मोबाइल का इंटरनेट भी रुक-रुक कर चलता है जिससे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर डिजिटल पेमेंट को लेकर परेशान होना पड़ता है।
- सोनू शर्मा, दुकानदार, छन्न मोरियां
उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए इंटरनेट सुविधा आज के युग में बेहद जरूरी हो चुकी है। जहां देशभर में 5जी का जमाना आ गया है लेकिन हमारे यहां आज भी मोबाइल इंटरनेट रुक रुक कर चलता है। कमजोर सिग्नल के चलते किसी से बात करते समय कई बार कॉल कटता है। अगर हाईवे के किनारे मोबाइल सिग्नल की यह हालत है तो पिछड़े ग्रामीण इलाकों में क्या हाल होगा। हर महीने मोटे रिचार्ज करने के बाद भी हमें वह सुविधा नहीं मिल रही जो मिलनी चाहिए।
- राकेश शर्मा, स्थानीय