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Kathua News: गंदगी दे रही गवाही, सफाई अभियान में केवल फोटो खिंचवाई
Wed, 04 Oct 2023 12:13 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 04 Oct 2023 12:13 AM IST
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स्वच्छता पखवाड़े का शहर में असर नहीं, चौक-चौराहों और वार्डाें में लगे ढेर बढ़ा रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में गत दिनों चले स्वच्छता पखवाड़े के तहत शहर में जगह-जगह अभियान चला कर साफ-सफाई की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर यह मात्र दिखावा साबित हो रहे हैं। जगह-जगह लगे गंदगी ढेर इसकी गवाही दे रहे हैं कि मात्र फोटो खिंचवाने के लिए ही अधिकारी, नेता और संगठनों के लोग सड़कों पर उतरे थे। ऐसे में एक घंटे चला श्रमदान शहर में चले अभियानों की पोल खोल रहा है।
श्रमदान के तीसरे दिन कॉलेज रोड में गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं, जिनसे उठ रही दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वहीं, पलगेतर, वार्ड नंबर 11 को राजबाग से जोड़ने वाले मार्ग, वार्ड 12 सहित सावन चक व रामनगर कॉलोनी का भी यही हाल है। शहर के मोहल्लों की हालत भी कुछ बेहतर नहीं हुई है। सड़क किनारे कचरा इस कदर बिखरा है कि मानो शहर में सफाई की कोई व्यवस्था ही न हो। हालांकि, श्रमदान के दिन शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ बनाने के लिए सरकारी व गैर सरकारी संगठनों की ओर से प्रयास किए गए थे, ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। लेकिन शहर का कोई भी ऐसा पूरी तरह से स्वच्छ नहीं दिख रहा है। हालांकि, रोजाना की तरह नगर परिषद ने मंगलवार को भी शहर में नियमित सफाई करवाई थी, लेकिन इसके बाद भी मुख्य सड़कों और गलियों में जगह-जगह गंदगी का आलम है।
शहर को श्रमदान के माध्यम से एक दिन के लिए तो साफ किया जा सकता है। लेकिन अगर इसे रोज साफ रखना है तो नगर परिषद को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। अगर किसी भी विभाग के कर्मचारी आठ घंटे ड्यूटी देते है तो ऐसा क्या कारण है कि सफाई कर्मचारी मात्र दो तीन घंटे की सफाई के बाद छुट्टी कर लेते हैं।
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- राजीव महाजन, निवासी, वार्ड छह
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर एक घंटे का श्रमदान स्वच्छता के लिए न होकर केवल एक कार्यक्रम मात्र रहा। इसका परिणाम नहीं दिखाई दिया। शहर में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिस तरह से अधिकारियों, कर्मचारियों और लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई थी, अगर वह पूरी निष्ठा से सफाई करते तो शायद शहर में कचरा नहीं दिखाई देता।
- शशि शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में गत दिनों चले स्वच्छता पखवाड़े के तहत शहर में जगह-जगह अभियान चला कर साफ-सफाई की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर यह मात्र दिखावा साबित हो रहे हैं। जगह-जगह लगे गंदगी ढेर इसकी गवाही दे रहे हैं कि मात्र फोटो खिंचवाने के लिए ही अधिकारी, नेता और संगठनों के लोग सड़कों पर उतरे थे। ऐसे में एक घंटे चला श्रमदान शहर में चले अभियानों की पोल खोल रहा है।
श्रमदान के तीसरे दिन कॉलेज रोड में गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं, जिनसे उठ रही दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वहीं, पलगेतर, वार्ड नंबर 11 को राजबाग से जोड़ने वाले मार्ग, वार्ड 12 सहित सावन चक व रामनगर कॉलोनी का भी यही हाल है। शहर के मोहल्लों की हालत भी कुछ बेहतर नहीं हुई है। सड़क किनारे कचरा इस कदर बिखरा है कि मानो शहर में सफाई की कोई व्यवस्था ही न हो। हालांकि, श्रमदान के दिन शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ बनाने के लिए सरकारी व गैर सरकारी संगठनों की ओर से प्रयास किए गए थे, ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। लेकिन शहर का कोई भी ऐसा पूरी तरह से स्वच्छ नहीं दिख रहा है। हालांकि, रोजाना की तरह नगर परिषद ने मंगलवार को भी शहर में नियमित सफाई करवाई थी, लेकिन इसके बाद भी मुख्य सड़कों और गलियों में जगह-जगह गंदगी का आलम है।
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शहर को श्रमदान के माध्यम से एक दिन के लिए तो साफ किया जा सकता है। लेकिन अगर इसे रोज साफ रखना है तो नगर परिषद को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। अगर किसी भी विभाग के कर्मचारी आठ घंटे ड्यूटी देते है तो ऐसा क्या कारण है कि सफाई कर्मचारी मात्र दो तीन घंटे की सफाई के बाद छुट्टी कर लेते हैं।
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- राजीव महाजन, निवासी, वार्ड छह
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर एक घंटे का श्रमदान स्वच्छता के लिए न होकर केवल एक कार्यक्रम मात्र रहा। इसका परिणाम नहीं दिखाई दिया। शहर में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिस तरह से अधिकारियों, कर्मचारियों और लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई थी, अगर वह पूरी निष्ठा से सफाई करते तो शायद शहर में कचरा नहीं दिखाई देता।
- शशि शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता