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Kathua News: कृषि विभाग की पहल, बिलावर में चाय बागान के प्रयोग शुरू
Fri, 25 Jul 2025 01:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 25 Jul 2025 01:27 AM IST
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किसानों को चाय बागान के लिए पौधे वितरित करती कृषि विभाग की टीम। स्रोत : सूचना विभाग
रोजगार सृजन के साथ-साथ पर्यटन को करेंगे आकर्षित
ध्यौता, धार डुगनू और कोहग में तैयार किए जा रहे कलस्टर, 500 किसानों को वितरित किए पौधे
कठुआ/बिलावर। हिमाचल के पालमपुर की तर्ज पर बिलावर के विभिन्न क्षेत्रों को अब चाय की महक और स्वाद से जाना
पहचाना जाएगा। कृषि विभाग प्रदेश में पहल करते हुए बिलावर के ध्यौता, धार डुगनू और कोहग इलाके में कलस्टर तैयार करने के लिए चाय बागान के लिए किसानों को पौधे बांटे हैं।
अन्य क्षेत्रों के किसानों को भी इसे प्रायोगिक तौर पर रोपने के लिए वितरित किया गया है। प्रयोग सफल रहा तो बिलावर में चाय के बागान रोजगार सृजन के साथ-साथ पर्यटन को आकर्षित करेंगे। कृषि विभाग ने 25 हजार पौधे 500 किसानों को चाय की प्रायोगिक खेती के लिए वितरित किए हैं।
एसडीओ ध्यौता रवि शर्मा ने बताया कि पांच और एक कनाल के दो कलस्टर ध्यौता, धार डुगनू और कोहग के क्षेत्र में तैयार किए जा रहे हैं। बताया कि पालमपुर के कृषि विश्वविद्यालय से पौधे मंगवाए गए हैं।
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चाय पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत बिलावर विधायक सतीश शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि इलाके में बागवानी क्षमता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समूचे शिवालिक क्षेत्र की जलवायु पालमपुर से काफी मिलती-जुलती है जो चाय की खेती के लिए प्रसिद्ध है। बिलावर इलाके में सफल चाय उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत चाय के पौधे हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से मंगवाए गए हैं।
बिलावर में प्रायोगिक तौर पर चाय बागान तैयार किए जाने का काम शुरू किया गया है। यहां की जलवायु हिमाचल के पालमपुर से मिलती है। हालांकि वर्षा अनुकूल मिलने पर यह खेती अच्छी सफलता पा सकती है।
-जितेंद्र कुमार खजूरिया, मुख्य
कृषि अधिकारी, कठुआ
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कृषि विभाग की ओर से ऐसी कई योजनाएं चलाई गई हैं जो आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने युवाओं और किसानों से सक्रिय रूप से कृषि में भाग लेने की अपील की और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
-विनय खोसला, एडीसी
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ध्यौता, धार डुगनू और कोहग में तैयार किए जा रहे कलस्टर, 500 किसानों को वितरित किए पौधे
कठुआ/बिलावर। हिमाचल के पालमपुर की तर्ज पर बिलावर के विभिन्न क्षेत्रों को अब चाय की महक और स्वाद से जाना
पहचाना जाएगा। कृषि विभाग प्रदेश में पहल करते हुए बिलावर के ध्यौता, धार डुगनू और कोहग इलाके में कलस्टर तैयार करने के लिए चाय बागान के लिए किसानों को पौधे बांटे हैं।
अन्य क्षेत्रों के किसानों को भी इसे प्रायोगिक तौर पर रोपने के लिए वितरित किया गया है। प्रयोग सफल रहा तो बिलावर में चाय के बागान रोजगार सृजन के साथ-साथ पर्यटन को आकर्षित करेंगे। कृषि विभाग ने 25 हजार पौधे 500 किसानों को चाय की प्रायोगिक खेती के लिए वितरित किए हैं।
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एसडीओ ध्यौता रवि शर्मा ने बताया कि पांच और एक कनाल के दो कलस्टर ध्यौता, धार डुगनू और कोहग के क्षेत्र में तैयार किए जा रहे हैं। बताया कि पालमपुर के कृषि विश्वविद्यालय से पौधे मंगवाए गए हैं।
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चाय पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत बिलावर विधायक सतीश शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि इलाके में बागवानी क्षमता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समूचे शिवालिक क्षेत्र की जलवायु पालमपुर से काफी मिलती-जुलती है जो चाय की खेती के लिए प्रसिद्ध है। बिलावर इलाके में सफल चाय उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत चाय के पौधे हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से मंगवाए गए हैं।
बिलावर में प्रायोगिक तौर पर चाय बागान तैयार किए जाने का काम शुरू किया गया है। यहां की जलवायु हिमाचल के पालमपुर से मिलती है। हालांकि वर्षा अनुकूल मिलने पर यह खेती अच्छी सफलता पा सकती है।
-जितेंद्र कुमार खजूरिया, मुख्य
कृषि अधिकारी, कठुआ
कृषि विभाग की ओर से ऐसी कई योजनाएं चलाई गई हैं जो आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने युवाओं और किसानों से सक्रिय रूप से कृषि में भाग लेने की अपील की और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
-विनय खोसला, एडीसी