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Kathua News: सतगुरु कबीर के प्रकाश पर्व पर निकाली गई शोभायात्रा
Thu, 12 Jun 2025 01:44 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 12 Jun 2025 01:44 AM IST
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कठुआ में संत कबीर के प्रकाशोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु।
कठुआ। वार्ड नंबर 17 स्थित कबीर भवन में बुधवार को सतगुरु कबीर महाराज का 627वां प्रकाश पर्व समारोहपूर्वक मनाया गया। संत श्री कबीर दास सभा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान उनके अनुयायियों ने शहर में शोभायात्रा निकाल कर अपनी आस्था प्रदर्शित की।
डीसी डॉ. राकेश मिन्हास ने शोभायात्रा को रवाना किया। पुलिस लाइन से निकाली गई शोभायात्रा पीडब्ल्यूडी काॅलोनी, मुखर्जी चौक, पारलीवंड, पुराना बस अड्डा, शहीदी चौक से होकर संत कबीर मंदिर परिसर में जाकर समाप्त हुई।
इसके बाद मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। बैंड बाजे के साथ निकाली गई इस शोभायात्रा में सबसे आगे चल रही संत कबीर की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के पीछे महिला संगत भजन, कीर्तन करती चल रही थी। भजन, कीर्तन से पूरा माहौल संत कबीर की भक्ति से सराबोर हो गया।
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इस दौरान मंदिर परिसर में सतगुरु कबीर महाराज के विचारों पर चर्चा की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि गुरु ने हमेशा सादगी भरा जीवन जीने का संदेश दिया है। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और बुराइयों से दूर रहने के लिए विशेष तौर पर आह्वान किया है। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों और कुरीतियों का मुख्य कारण अज्ञानता बताया। कहा कि वह अपने बच्चों को शिक्षित कर उन्हें अच्छे संस्कार दें। शोभायात्रा में शहर और आसपास के गांवों से आए सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।
कबीरदास जी के प्रकटोत्सव पर कार्यक्रम
कठुआ। सामाजिक समरसता जिला कठुआ की ओर से गुरु कबीरदास के प्रकटोत्सव पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगरी खंड के जरमाल गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रभारी ओमकार ने ग्रामीणों को कबीरदास की जीवनी बताकर उनके दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि महान कबीर दास का जन्म ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुआ था, इसीलिए हर वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही उनकी जयंती मनाई जाती है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों पर हमेशा तीखा प्रहार किया। इसलिए उन्हें ऐसा संत माना गया जो समाज को दिशा देता है। कार्यक्रम में खंड कार्यवाह कार्तिक, गांव की पंच ज्योति देवी, राकेश भगत, रमेश भगत, सोहन लाल, राजेश आदि मौजूद रहे।
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डीसी डॉ. राकेश मिन्हास ने शोभायात्रा को रवाना किया। पुलिस लाइन से निकाली गई शोभायात्रा पीडब्ल्यूडी काॅलोनी, मुखर्जी चौक, पारलीवंड, पुराना बस अड्डा, शहीदी चौक से होकर संत कबीर मंदिर परिसर में जाकर समाप्त हुई।
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इसके बाद मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। बैंड बाजे के साथ निकाली गई इस शोभायात्रा में सबसे आगे चल रही संत कबीर की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के पीछे महिला संगत भजन, कीर्तन करती चल रही थी। भजन, कीर्तन से पूरा माहौल संत कबीर की भक्ति से सराबोर हो गया।
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इस दौरान मंदिर परिसर में सतगुरु कबीर महाराज के विचारों पर चर्चा की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि गुरु ने हमेशा सादगी भरा जीवन जीने का संदेश दिया है। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और बुराइयों से दूर रहने के लिए विशेष तौर पर आह्वान किया है। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों और कुरीतियों का मुख्य कारण अज्ञानता बताया। कहा कि वह अपने बच्चों को शिक्षित कर उन्हें अच्छे संस्कार दें। शोभायात्रा में शहर और आसपास के गांवों से आए सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।
कबीरदास जी के प्रकटोत्सव पर कार्यक्रम
कठुआ। सामाजिक समरसता जिला कठुआ की ओर से गुरु कबीरदास के प्रकटोत्सव पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगरी खंड के जरमाल गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रभारी ओमकार ने ग्रामीणों को कबीरदास की जीवनी बताकर उनके दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि महान कबीर दास का जन्म ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुआ था, इसीलिए हर वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही उनकी जयंती मनाई जाती है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों पर हमेशा तीखा प्रहार किया। इसलिए उन्हें ऐसा संत माना गया जो समाज को दिशा देता है। कार्यक्रम में खंड कार्यवाह कार्तिक, गांव की पंच ज्योति देवी, राकेश भगत, रमेश भगत, सोहन लाल, राजेश आदि मौजूद रहे।