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Kathua News: टिन शेड तले मेज-कुर्सी लगाकर दिला रहे न्याय
Thu, 17 Apr 2025 01:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 17 Apr 2025 01:47 AM IST
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जिला न्यायालय परिसर में पेड़ों के नीचे अपना अस्थायी कार्यालय चलाते वकील। संवाद
- फोटो : kathua
जिला न्यायालय में मौजूदा समय में नहीं है चैंबर की सुविधा
जिला बार एसोसिएशन से पंजीकृत हैं 150 अधिवक्ता, 120 से ज्यादा कर रहे एक्टिव प्रैक्टिस
कठुआ। जिला न्यायालय में मौजूदा समय में चैंबर की सुविधा नहीं है। अधिवक्ता कोर्ट परिसर के भीतर लगे पीपल के पेड़ के नीचे या टिन शेड तले मेज कुर्सी लगा लोगों को न्याय दिला रहे हैं। गर्मी हो या सर्दी, बारिश हो या आंधी अधिवक्ता मेज-कुर्सियों पर बैठने को मजबूर हैं। यह प्रैक्टिस पिछले कई साल से जारी है। साल 1963 में जिला न्यायालय की स्थापना के बाद न्यायालय परिसर में डेढ़ दर्जन चैंबरों का निर्माण किया गया था। समय के साथ अधिवक्ताओं की संख्या में इजाफा होता गया, मगर सरकार की सुविधाएं नहीं बढ़ीं। मौजूदा समय में जिला बार एसोसिएशन कठुआ के साथ 150 से ज्यादा अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इसमें 120 से ज्यादा अधिवक्ता सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
एक दर्जन से ज्यादा चैंबर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को मिले हुए थे वह भी वित्त वर्ष 2021-22 में नए निर्माण के लिए तोड़ दिए हैं। वर्तमान में सरकार की ओर से जिला न्यायालय परिसर में 3.14 करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला इमारत में कुल 36 चैंबर का निर्माण कार्य चल रहा है। क्रियान्वन एजेंसी के अनुसार नया चैंबर कॉम्प्लेक्स अगले एक महीने के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। संवाद
पिछले 15 साल से ज्यादा समय से जिला न्यायालय में सक्रिय प्रैक्टिस कर रहा हूं। तब से लेकर अब तक परिसर के भीतर खुले में एक मेज-कुर्सी लगाकर कोर्ट का काम किया जा रहा है। नया चैंबर कॉम्प्लेक्स बनने से मेरे जैसे सैंकड़ों वकीलों की चैंबर सुविधा मिलने की आस जगी है।
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-राजेश कुमार, अधिवक्ता
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खुले में मेज-कुर्सी लगाकर प्रैक्टिस करना मुश्किल का काम है। भीषण गर्मी और सर्दी में काम करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बारिश में तो कभी यहां भागो तो कभी वहां भागो वाली स्थिति रहती है। नये चैंबर कॉम्प्लेक्स बनने से युवा वकीलों में उम्मीद जगी है।
चंदन आजाद, अधिवक्ता
साल 2021-22 से 3.14 करोड़ की लागत से 36 चैंबरों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका जल्द निर्माण होने की उम्मीद है। कोरोना काल में चैंबरों का निर्माण कार्य धीमा पड़ने पर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे के संज्ञान में लाकर निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। बार एसोसिएशन ने सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्तान जिला न्यायालय के दौरे के दौरान एक अतिरिक्त चैंबर कॉम्प्लेक्स निर्माण की मांग रखी थी।
-अजात शत्रु, अधिवक्ता व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन
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जिला बार एसोसिएशन से पंजीकृत हैं 150 अधिवक्ता, 120 से ज्यादा कर रहे एक्टिव प्रैक्टिस
कठुआ। जिला न्यायालय में मौजूदा समय में चैंबर की सुविधा नहीं है। अधिवक्ता कोर्ट परिसर के भीतर लगे पीपल के पेड़ के नीचे या टिन शेड तले मेज कुर्सी लगा लोगों को न्याय दिला रहे हैं। गर्मी हो या सर्दी, बारिश हो या आंधी अधिवक्ता मेज-कुर्सियों पर बैठने को मजबूर हैं। यह प्रैक्टिस पिछले कई साल से जारी है। साल 1963 में जिला न्यायालय की स्थापना के बाद न्यायालय परिसर में डेढ़ दर्जन चैंबरों का निर्माण किया गया था। समय के साथ अधिवक्ताओं की संख्या में इजाफा होता गया, मगर सरकार की सुविधाएं नहीं बढ़ीं। मौजूदा समय में जिला बार एसोसिएशन कठुआ के साथ 150 से ज्यादा अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इसमें 120 से ज्यादा अधिवक्ता सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
एक दर्जन से ज्यादा चैंबर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को मिले हुए थे वह भी वित्त वर्ष 2021-22 में नए निर्माण के लिए तोड़ दिए हैं। वर्तमान में सरकार की ओर से जिला न्यायालय परिसर में 3.14 करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला इमारत में कुल 36 चैंबर का निर्माण कार्य चल रहा है। क्रियान्वन एजेंसी के अनुसार नया चैंबर कॉम्प्लेक्स अगले एक महीने के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। संवाद
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पिछले 15 साल से ज्यादा समय से जिला न्यायालय में सक्रिय प्रैक्टिस कर रहा हूं। तब से लेकर अब तक परिसर के भीतर खुले में एक मेज-कुर्सी लगाकर कोर्ट का काम किया जा रहा है। नया चैंबर कॉम्प्लेक्स बनने से मेरे जैसे सैंकड़ों वकीलों की चैंबर सुविधा मिलने की आस जगी है।
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-राजेश कुमार, अधिवक्ता
खुले में मेज-कुर्सी लगाकर प्रैक्टिस करना मुश्किल का काम है। भीषण गर्मी और सर्दी में काम करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बारिश में तो कभी यहां भागो तो कभी वहां भागो वाली स्थिति रहती है। नये चैंबर कॉम्प्लेक्स बनने से युवा वकीलों में उम्मीद जगी है।
चंदन आजाद, अधिवक्ता
साल 2021-22 से 3.14 करोड़ की लागत से 36 चैंबरों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका जल्द निर्माण होने की उम्मीद है। कोरोना काल में चैंबरों का निर्माण कार्य धीमा पड़ने पर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे के संज्ञान में लाकर निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। बार एसोसिएशन ने सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्तान जिला न्यायालय के दौरे के दौरान एक अतिरिक्त चैंबर कॉम्प्लेक्स निर्माण की मांग रखी थी।
-अजात शत्रु, अधिवक्ता व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन