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लॉकडाउन से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान
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बसोहली। लॉकडाउन के चलते बसोहली क्षेत्र के दुकानदारों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बीते करीब दो वर्षों से कोरोना वायरस ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लॉकडाउन में केवल जरूरी दुकानें ही सीमित समय के लिए खुल रही हैं, जबकि बाकी दुकानदार दुकानें नहीं खोल पा रहे हैं जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय दुकानदार अमित कपूर, अनिल पाधा, मिंटू कुमार, अंकित कुमार, अभिषेक शर्मा, अनिल कुमार आदि ने बताया कि बहुत से लोगों नें दुकानों को चलाने के लिए बैंकों से कर्ज ले रखे हैं। बीते करीब एक माह से दुकानें बंद पड़ी हुई हैं, पाबंदियों के चलते वह दुकानों को खोल नहीं सकते। अगर कोई खोलता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ रहा है। कमाई का साधन नहीं होने से कर्ज की किस्तें भी चुकता नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन स्थितियों में छोटे और मध्यम वर्ग के दुकानदारों का अपने परिवार का भरण पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि उनकी दुकानों को भी खोलने के लिए रोस्टर जारी किया जाए और शिफ्ट के आधार पर दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उन्हें राहत राशि के तौर पर हर माह पांच हजार रुपये की मदद दी जाए।
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स्थानीय दुकानदार अमित कपूर, अनिल पाधा, मिंटू कुमार, अंकित कुमार, अभिषेक शर्मा, अनिल कुमार आदि ने बताया कि बहुत से लोगों नें दुकानों को चलाने के लिए बैंकों से कर्ज ले रखे हैं। बीते करीब एक माह से दुकानें बंद पड़ी हुई हैं, पाबंदियों के चलते वह दुकानों को खोल नहीं सकते। अगर कोई खोलता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ रहा है। कमाई का साधन नहीं होने से कर्ज की किस्तें भी चुकता नहीं कर पा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि इन स्थितियों में छोटे और मध्यम वर्ग के दुकानदारों का अपने परिवार का भरण पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि उनकी दुकानों को भी खोलने के लिए रोस्टर जारी किया जाए और शिफ्ट के आधार पर दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उन्हें राहत राशि के तौर पर हर माह पांच हजार रुपये की मदद दी जाए।
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