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ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के वीरवार तक काम शुरू करने की उम्मीद
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कठुआ। कोरोना की दूसरी लहर के बीच जिला कठुआ में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट का काम युद्धस्तर पर जारी है। शनिवार शाम जहां इमारत का फर्श डलकर तैयार हो गया है वहीं सोमवार से इसमें छोटे काम शुरू हो जाएंगे। मंगलवार से फर्श के सूखने के साथ ही भारी मशीनों की इंस्टालेशन शुरू हो जाएगी। इसके बाद अगले दो दिन में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट जीएमसी कठुआ के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
जीएमसी कठुआ के एसोसिएटेड अस्पताल की इमारत के नजदीक 7 करोड़ 90 लाख की लागत से 750 एलपीएम क्षमता के तीन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक 750 एलपीएम क्षमता के एक प्लांट से ही तीन सौ बेड को ऑक्सीजन सप्लाई की जा सकेगी। इससे रोजाना जीएमसी में ऑक्सीजन की औद्योगिक सप्लाई को बदला जा सकेगा और मैनिफोल्ड सिस्टम में इस्तेमाल हो रहे सिलिंडरों को भरवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
देश के अन्य हिस्सों की तरह कोरोना संकट में कठुआ जिले में ऑक्सीजन का संकट न गहराए, इसके लिए ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के लिए कवायद दिसंबर में ही शुरू कर दी गई थी। तकनीकी पहलुओं को पूरा करने के बाद अप्रैल महीने से एक बार फिर काम में तेजी लाई गई।
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जीएमसी समेत जिले के तमाम सीएचसी में 800 के लगभग ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के सक्रिय होने से सिलिंडरों की रिफिलिंग के बोझ को भी कम किया जा सकेगा। ऐसे में उपलब्ध सिलिंडरों को जिले के अन्य कोविड अस्पतालों में इस्तेमाल करने की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी और जीएमसी ऑक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
मैकेनिकल विंग के कार्यकारी अभियंता सुनील गंडोत्रा ने बताया कि ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार की गई साइट में फर्श डालने का काम शनिवार को ही पूरा किया गया है। जिसके सोमवार तक सूखने की उम्मीद है। सोमवार से ही छोटे कार्यों के साथ ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट की मशीनरी को इंस्टाल करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार से बड़ी मशीनरी की भी इंस्टालेशन शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि जीएमसी कठुआ के एसोसिएटेड अस्पताल में 750 एलपीएम क्षमता के तीन यूनिट इंस्टाल किए जा रहे हैं।
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जीएमसी कठुआ के एसोसिएटेड अस्पताल की इमारत के नजदीक 7 करोड़ 90 लाख की लागत से 750 एलपीएम क्षमता के तीन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक 750 एलपीएम क्षमता के एक प्लांट से ही तीन सौ बेड को ऑक्सीजन सप्लाई की जा सकेगी। इससे रोजाना जीएमसी में ऑक्सीजन की औद्योगिक सप्लाई को बदला जा सकेगा और मैनिफोल्ड सिस्टम में इस्तेमाल हो रहे सिलिंडरों को भरवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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देश के अन्य हिस्सों की तरह कोरोना संकट में कठुआ जिले में ऑक्सीजन का संकट न गहराए, इसके लिए ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के लिए कवायद दिसंबर में ही शुरू कर दी गई थी। तकनीकी पहलुओं को पूरा करने के बाद अप्रैल महीने से एक बार फिर काम में तेजी लाई गई।
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जीएमसी समेत जिले के तमाम सीएचसी में 800 के लगभग ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के सक्रिय होने से सिलिंडरों की रिफिलिंग के बोझ को भी कम किया जा सकेगा। ऐसे में उपलब्ध सिलिंडरों को जिले के अन्य कोविड अस्पतालों में इस्तेमाल करने की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी और जीएमसी ऑक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
मैकेनिकल विंग के कार्यकारी अभियंता सुनील गंडोत्रा ने बताया कि ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार की गई साइट में फर्श डालने का काम शनिवार को ही पूरा किया गया है। जिसके सोमवार तक सूखने की उम्मीद है। सोमवार से ही छोटे कार्यों के साथ ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट की मशीनरी को इंस्टाल करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार से बड़ी मशीनरी की भी इंस्टालेशन शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि जीएमसी कठुआ के एसोसिएटेड अस्पताल में 750 एलपीएम क्षमता के तीन यूनिट इंस्टाल किए जा रहे हैं।