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Kathua News: तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर सीमैक कंपनी के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन
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हीरानगर। औद्योगिक क्षेत्र कोटपुन्नू में बुधवार को सीमैक कंपनी में काम करने वाले मजदूरों ने तीन माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द बकाया वेतन जारी करने की मांग उठाई। मजदूरों का कहना था कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और परिवार का रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बताया कि वे सुबह करीब आठ बजे ड्यूटी पर पहुंचते हैं और शाम करीब आठ बजे तक काम करने के बाद घर लौटते हैं। मजदूरों के अनुसार, करीब 12 घंटे की ड्यूटी के बदले उन्हें महज 500 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। उनका कहना था कि सीमित आमदनी में परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, राशन और अन्य घरेलू खर्च पहले ही मुश्किल से पूरे होते हैं। ऐसे में लगातार तीन महीने तक वेतन नहीं मिलने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और कंपनी के काम में पूरी मेहनत कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद समय पर मेहनताना नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि घर चलाने के लिए उन्हें उधार लेने तक की नौबत आ गई है।
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मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन से मांग की कि उनके लंबित तीन माह के वेतन का जल्द भुगतान किया जाए ताकि वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर सकें। साथ ही उन्होंने प्रशासन से भी मामले का संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप करने और मजदूरों को उनका बकाया मेहनताना दिलाने की मांग की।
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प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बताया कि वे सुबह करीब आठ बजे ड्यूटी पर पहुंचते हैं और शाम करीब आठ बजे तक काम करने के बाद घर लौटते हैं। मजदूरों के अनुसार, करीब 12 घंटे की ड्यूटी के बदले उन्हें महज 500 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। उनका कहना था कि सीमित आमदनी में परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, राशन और अन्य घरेलू खर्च पहले ही मुश्किल से पूरे होते हैं। ऐसे में लगातार तीन महीने तक वेतन नहीं मिलने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
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मजदूरों ने आरोप लगाया कि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और कंपनी के काम में पूरी मेहनत कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद समय पर मेहनताना नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि घर चलाने के लिए उन्हें उधार लेने तक की नौबत आ गई है।
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मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन से मांग की कि उनके लंबित तीन माह के वेतन का जल्द भुगतान किया जाए ताकि वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर सकें। साथ ही उन्होंने प्रशासन से भी मामले का संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप करने और मजदूरों को उनका बकाया मेहनताना दिलाने की मांग की।