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Kathua News: भालू के हमले से 20 हनी बॉक्स तबाह, लाखों का हुआ नुकसान
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भालू के हमले से बर्बाद हुए मधुमक्खी के बक्से और छत्ते दिखाते हुए मधुमक्खी पालकसंवाद
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बनी। उपमंडल बनी के दूरदराज गांव रौलका में जंगली भालू के हमले से एक मधुमक्खी पालक की वर्षों की मेहनत पल भर में बर्बाद हो गई। रात के अंधेरे में भालू ने मधुमक्खी पालन केंद्र पर हमला कर करीब 20 हनी बॉक्स पूरी तरह तोड़ दिए। हमले में बड़ी संख्या में मधुमक्खियां नष्ट हो गईं और करीब डेढ़ क्विंटल शहद भी बर्बाद हो गया। इससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। रौलका निवासी किशोरी लाल ने बताया कि वह पिछले आठ वर्षों से मधुमक्खी पालन कर रहे हैं और यही उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत है। उन्होंने इस वर्ष बड़ी उम्मीदों के साथ 70 बी-बॉक्स लगाए थे।
किशोरी लाल ने कुछ दिन में क्षेत्र में चार भालू देखे जा रहे थे। इनमें से एक भालू ने मधुमक्खी केंद्र पर हमला कर दिया। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से अपील की कि नुकसान का तत्काल सर्वे कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वह दोबारा अपने पैरों पर खड़े होकर मधुमक्खी पालन शुरू कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि रौलका तथा आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से जंगली भालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, भालुओं की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। संवाद
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किशोरी लाल ने कुछ दिन में क्षेत्र में चार भालू देखे जा रहे थे। इनमें से एक भालू ने मधुमक्खी केंद्र पर हमला कर दिया। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से अपील की कि नुकसान का तत्काल सर्वे कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वह दोबारा अपने पैरों पर खड़े होकर मधुमक्खी पालन शुरू कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि रौलका तथा आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से जंगली भालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
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ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, भालुओं की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। संवाद
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