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Kathua News: रणनीति बदली, अब स्कूलों में होगा एचपीवी टीकाकरण
Mon, 20 Apr 2026 01:31 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:31 AM IST
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शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को किशोरियों के एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए किया जा रहा प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। एचपीवी टीकाकरण अभियान की धीमी होती रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। विभाग ने हाई स्कूलों और हायर सेकेंडरी स्कूलों पर विशेष फोकस करते हुए वहां पढ़ने वाली किशोरियों को टीका लगाने की योजना बनाई है। साथ ही शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को भी एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिलेभर में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 4583 किशोरियों को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया था। अब तक केवल 1,388 किशोरियों का ही टीकाकरण हुआ है। इस तरह विभाग अब तक कुल लक्ष्य का करीब 30 प्रतिशत ही पूरा कर पाया है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वासना शर्मा ने बताया कि किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत 28 फरवरी को की गई थी। शुरुआती सप्ताह में अभिभावकों ने टीकाकरण को लेकर उत्सुकता दिखाई। इसके बाद धीरे-धीरे लोगों में उत्साह कम होता गया। ग्रामीण ब्लाकों में इसके अच्छे परिणाम भी सामने आए लेकिन शहरी और मैदानी इलाकों में टीकाकरण को लेकर उत्साह कम है। कई स्थानों पर अभिभावकों की जागरूकता की कमी और कुछ जगह पर भ्रांतियों के कारण टीकाकरण नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर सरकारी और निजी हाई स्कूलों तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
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डॉ. वासना ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों की भी मदद ली जा रही है। शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में समझा रहे हैं। अभिभावकों को बताया जा रहा है कि यह टीका किशोरियों को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मददगार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। एचपीवी टीकाकरण अभियान की धीमी होती रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। विभाग ने हाई स्कूलों और हायर सेकेंडरी स्कूलों पर विशेष फोकस करते हुए वहां पढ़ने वाली किशोरियों को टीका लगाने की योजना बनाई है। साथ ही शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को भी एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिलेभर में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 4583 किशोरियों को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया था। अब तक केवल 1,388 किशोरियों का ही टीकाकरण हुआ है। इस तरह विभाग अब तक कुल लक्ष्य का करीब 30 प्रतिशत ही पूरा कर पाया है।
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जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वासना शर्मा ने बताया कि किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत 28 फरवरी को की गई थी। शुरुआती सप्ताह में अभिभावकों ने टीकाकरण को लेकर उत्सुकता दिखाई। इसके बाद धीरे-धीरे लोगों में उत्साह कम होता गया। ग्रामीण ब्लाकों में इसके अच्छे परिणाम भी सामने आए लेकिन शहरी और मैदानी इलाकों में टीकाकरण को लेकर उत्साह कम है। कई स्थानों पर अभिभावकों की जागरूकता की कमी और कुछ जगह पर भ्रांतियों के कारण टीकाकरण नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर सरकारी और निजी हाई स्कूलों तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
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डॉ. वासना ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों की भी मदद ली जा रही है। शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में समझा रहे हैं। अभिभावकों को बताया जा रहा है कि यह टीका किशोरियों को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मददगार है।