फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   jammu kashmir news

Kathua News: छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में आरोपी बरी

Sun, 01 Mar 2026 12:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sun, 01 Mar 2026 12:24 AM IST
विज्ञापन
jammu kashmir news
अदालत से
विज्ञापन

जिले के पहाड़ी क्षेत्र बनी के चंडियार इलाके का मामला

संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट बनी शिवानी अत्री ने वर्ष 2018 में महिला के साथ मारपीट व छेड़छाड़ मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया है। आदेश के अनुसार अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। अदालत ने कहा कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास, मामले में स्वतंत्र गवाह की पुष्टि का अभाव और चिकित्सकीय साक्ष्य की अस्पष्टता के कारण आरोपी को सभी आरोपों से बरी करने का फैसला सुनाया गया।

कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मामला 15 जुलाई 2018 का जिले के पहाड़ी क्षेत्र बनी के चंडियार इलाके का है। इसमें पीड़ित महिला ने आरोपी मोहम्मद अख्तर पर आरोप लगाया था कि घटना के दिन जब वह अपने मवेशी चराने के लिए खेत में गई थी तब आरोपी ने उसका रास्ता रोककर उसके साथ मारपीट की और उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरपीसी दी धारा 341, 354 और 323 के तहत मामला दर्ज कर मामले में चालान को 20 अगस्त 2018 को कोर्ट में प्रस्तुत किया। 30 सितंबर 2018 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। इसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और कोर्ट से मुकदमा चलाए जाने का आग्रह किया गया। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने गवाहों की गवाही में विरोधाभास पाया। इसमें खुद शिकायतकर्ता ने कोर्ट में आरोपी पर हमला और छेड़छाड़ का आरोप को दोहराया।
विज्ञापन

वहीं चिकित्सकीय रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के सिर पर एक सेंटीमीटर का साधारण घाव पाया गया जिसे कुंद वस्तु से लगी चोट बताया गया। डॉक्टर ने कहा कि गिरने से भी ऐसी चोट संभव है। वहीं, दो प्रत्यक्षदर्शियों ने अदालत में घटना देखने से इनकार कर दिया जबकि शिकायतकर्ता की सास ने कहा कि जब वह मौके पर पहुंची तब तक झगड़ा समाप्त हो चुका था। इसके बाद अदालत ने गवाहों की गवाही और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी की ओर से पीड़िता का गलत तरीके से रोकने के आरोप के समर्थन में स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। छेड़छाड़ करने के आरोप में शिकायतकर्ता के बयान को अन्य गवाहों से पुष्टि नहीं मिली और बयान में भी आवश्यक तत्व स्पष्ट रूप से साबित नहीं हुए हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए उसे बरी करने का फैसला सुनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed