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Kathua News: सरथल में मोबाइल टावर सिर्फ नाम का, कॉलिंग सुविधा अब भी सपना
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बनी। जिले की बनी तहसील में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरथल आज भी बुनियादी संचार सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। वर्षों की मांग के बाद यहां एक मोबाइल टावर तो स्थापित किया गया, लेकिन इसके बावजूद लोगों को अब तक सामान्य कॉलिंग सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है। सरथल में लगाए गए टावर से केवल ‘बीएसएनएल नेटवर्क’ के जरिए व्हाट्सएप वॉइस/वीडियो कॉलिंग और सीमित इंटरनेट सेवा ही उपलब्ध है, जबकि सबसे आवश्यक सुविधा इन्कमिंग और आउटगोइंग कॉलिंग पूरी तरह अनुपलब्ध है। नतीजतन, न तो स्थानीय लोग आपस में संवाद कर पा रहे हैं और न ही पर्यटक आपात स्थिति में अपने परिवारों से संपर्क कर पाते हैं।
संचार की इस विफलता ने क्षेत्र के विकास और पर्यटन को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। स्थानीय निवासी संजय कुमार का कहना है, सालों की प्रतीक्षा के बाद टावर तो लगा, लेकिन इसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा। कॉलिंग सुविधा के अभाव में हम खुद को आज भी कटा-कटा महसूस करते हैं।
सिर्फ मोबाइल नेटवर्क ही नहीं, सरथल तक पहुंचने वाला सड़क मार्ग भी बदहाल है। मुख्य सड़क से सरथल तक का रास्ता गड्ढों और मलबे से भरा पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को भारी असुविधा होती है। साथ ही, क्षेत्र में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह स्थिति अत्यंत परेशानी का कारण बनी हुई है।
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इलाके में बिजली की आपूर्ति भी बेहद अस्थिर है। बिना किसी तय समय-सारणी के बिजली कभी भी गुल हो जाती है, जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता है बल्कि पर्यटकों की सुविधाओं पर भी असर पड़ता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अपील की है कि संचार, सड़क, स्वच्छता और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। सरथल जैसी प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह को यदि उचित आधारभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो यह क्षेत्र राज्य का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
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संचार की इस विफलता ने क्षेत्र के विकास और पर्यटन को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। स्थानीय निवासी संजय कुमार का कहना है, सालों की प्रतीक्षा के बाद टावर तो लगा, लेकिन इसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा। कॉलिंग सुविधा के अभाव में हम खुद को आज भी कटा-कटा महसूस करते हैं।
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सिर्फ मोबाइल नेटवर्क ही नहीं, सरथल तक पहुंचने वाला सड़क मार्ग भी बदहाल है। मुख्य सड़क से सरथल तक का रास्ता गड्ढों और मलबे से भरा पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को भारी असुविधा होती है। साथ ही, क्षेत्र में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह स्थिति अत्यंत परेशानी का कारण बनी हुई है।
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इलाके में बिजली की आपूर्ति भी बेहद अस्थिर है। बिना किसी तय समय-सारणी के बिजली कभी भी गुल हो जाती है, जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता है बल्कि पर्यटकों की सुविधाओं पर भी असर पड़ता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अपील की है कि संचार, सड़क, स्वच्छता और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। सरथल जैसी प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह को यदि उचित आधारभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो यह क्षेत्र राज्य का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।