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Kathua News: कठुआ की 14 औद्योगिक इकाइयों को कारण बताओ नोटिस
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कठुआ। कठुआ जिले में स्थापित 14 औद्योगिक इकाइयों को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस उन इकाइयों को भेजा गया है, जिन्होंने तीन वर्ष पूर्व औद्योगिक भूमि आवंटन प्राप्त करने और अस्थायी पंजीकरण (ईएम-1) लेने के बाद भी अब तक उत्पादन शुरू नहीं किया है। इन इकाइयों में सिडको घाटी, आईआईडी गोविंदसर, सिकॉप कठुआ और पुराने औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इकाईयों के नाम शामिल हैं। विभाग की ओर से शकुंतला फैब्रिकेटर्स, श्री फूड प्रोडक्ट्स, फिक्सिटी मेट्लस प्राइवेट लिमिटेड, लूमिन मेडरॉक हेल्थकेयर, कोहली इंडस्ट्रीज, श्री वैष्णवी फूड्स, टेक्नोकेम कंस्ट्रक्शन केमिकल्स, अरविंद डेकॉर, सरब फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, फ्रेंड पॉलिमर्स, शिव शक्ति इंडस्ट्रीज, हवीक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, सनटेक ग्लेजिंग सॉल्यूशंज और फायल टेक प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया है।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ये सभी इकाइयां जम्मू कश्मीर औद्योगिक नीति 2021–30 और नई केंद्रीय क्षेत्र योजना (एनसीएसएस) के तहत भूमि आवंटन की पात्र रहीं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य जम्मू कश्मीर में औद्योगिक विकास को गति देना और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। लेकिन विभाग ने उत्पादन शुरू न होने को इकाई संचालकों की उदासीनता और गंभीरता न होने का प्रतीक माना है।
उल्लेखनीय है कि इन इकाइयों के अस्थायी पंजीकरण अगस्त 2023 से जून 2025 के बीच समाप्त हो चुके हैं, बावजूद इसके न तो उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया और न ही स्थायी पंजीकरण (ईएम-दो) की प्रक्रिया पूरी की। विभाग के अनुसार इससे न केवल कीमती औद्योगिक भूमि बेकार पड़ी है, बल्कि अन्य निवेशकों को अवसर से वंचित भी किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित इकाइयों द्वारा शीघ्र निर्माण या उत्पादन कार्य शुरू नहीं किया गया, तो उनके भूमि आवंटन को नीतिगत नियमों के अनुसार निरस्त कर दिया जाएगा।
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विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ये सभी इकाइयां जम्मू कश्मीर औद्योगिक नीति 2021–30 और नई केंद्रीय क्षेत्र योजना (एनसीएसएस) के तहत भूमि आवंटन की पात्र रहीं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य जम्मू कश्मीर में औद्योगिक विकास को गति देना और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। लेकिन विभाग ने उत्पादन शुरू न होने को इकाई संचालकों की उदासीनता और गंभीरता न होने का प्रतीक माना है।
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उल्लेखनीय है कि इन इकाइयों के अस्थायी पंजीकरण अगस्त 2023 से जून 2025 के बीच समाप्त हो चुके हैं, बावजूद इसके न तो उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया और न ही स्थायी पंजीकरण (ईएम-दो) की प्रक्रिया पूरी की। विभाग के अनुसार इससे न केवल कीमती औद्योगिक भूमि बेकार पड़ी है, बल्कि अन्य निवेशकों को अवसर से वंचित भी किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित इकाइयों द्वारा शीघ्र निर्माण या उत्पादन कार्य शुरू नहीं किया गया, तो उनके भूमि आवंटन को नीतिगत नियमों के अनुसार निरस्त कर दिया जाएगा।
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