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Kathua News: कृषि विज्ञान केंद्र में बना सीड स्टोर, एग्रीकल्चर प्रोडक्शन सेल प्वाइंट भी तैयार हो रहा
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कृषि विज्ञान केंद्र में तैयार हुआ हाईटेक पॉली हाउस।
कठुआ। जिले में कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में कार्यरत कृषि विज्ञान केंद्र रजानी नई सुविधाओं से लैस हो रहा है। इसमें सीड स्टोर बनकर तैयार हो गया है, जिसमें किसान अपने बीज संरक्षित कर सकेंगे। एग्रीकल्चर प्रोडक्शन सेल प्वाइंट भी तैयार हो रहा है। इसमें किसानों को फसल बेचने की सुविधा मिलेगी।
करीब 1 करोड़ की लागत होने वाले विकास से वहां न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि इससे कृषि विज्ञान केंद्र की आय का भी नया साधन तैयार हो रहा है। शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के एस्टेट विभाग द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य अपने अंतिम चरण में चल रहे हैं।
12 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले कठुआ कृषि विज्ञान केंद्र रजानी परिसर में होने वाले विकास के कार्यों में पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए चेन लिंक फेंसिंग, एक सीड स्टोर, मशरूम डेमोंसट्रेशन सेंटर, फार्मर्स ट्रेनिंग हाल, एग्रीकल्चर प्रोडक्शन सेल प्वाइंट जैसी नई सुविधा विकसित की जा रही है। वहीं, करीब एक कनाल भूमि में बनाया गया हाइटेक पाली हाउस कृषि विज्ञान केंद्र की आय का साधन बनेगा। इसमें परिसर की चैन लिंक फेंसिंग सीड स्टोर और हाईटेक पाली हाउस का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि अन्य का काम अंतिम चरण में है।
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परिसर में बनाया गया पाॅली हाउस बनेगा आय का साधन
10 से 40 डिग्री तक परिवर्तनशील बनाए गए हाईटेक पाली हाउस में ऑफसीजन खेती की जाएगी। जो न केवल वहां आने वाले किसानों को पाली हाउस तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित करेगी। बल्कि कृषि विज्ञान केंद्र की अतिरिक्त आय का साधन भी बनेगी। इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
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पहली बार बना सीड स्टोर
परिसर में करीब 500 मीट्रिक क्षमता वाला सीड स्टोर बनाया गया है। जो कृषि विज्ञान केंद्र में प्रायोगिक फसलों के बीजों को संरक्षित करने में सहायक होगा। वहीं इसमें किसानों को भी अपने बीज रखने की सहूलियत मिलेगी। आपको बता दें कि अभी तक जिले में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी, जिसमें किसान अपने बीज को अगली फसल तक के लिए सुरक्षित रख सके। नई सुविधा उनके बीज को संरक्षित रखने की चिंता को खत्म कर सकती है।
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परिसर में ही मिलेगी कृषि उत्पाद बेचने की सुविधा
विकास कार्य के तहत परिसर में एग्रीकल्चर प्रोडक्शन सेल प्वाइंट का निर्माण किया जा रहा है। यहां किसान अपनी फसल या किसी भी प्रकार के अन्य कृषि उत्पादन को लाकर बेच सकेंगे। जो शहर के पास उन्हें बाजार उपलब्ध करवाने में सहायक होगा।
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नए ट्रेनिंग हाल में मिलेगी आधुनिक कृषि की जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र में जारी निर्माण कार्य के तहत 100 किसानों के बैठने की क्षमता से युक्त फार्मर ट्रेंनिंग हाल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें किसानों को आधुनिक कृषि के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं इसके साथ ही किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत जानकारी देने की पहल के तहत मशरूम डेमोंसट्रेशन सेंटर भी तैयार किया जा रहा है। जिससे किसान खेती में नई-नई जानकारी जानकारी हासिल करने के साथ-साथ मशरूम उत्पादन के माध्यम से अपनी आय का अतिरिक्त साधन तैयार कर सकेंगे।
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कोट
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ में नई सुविधाओं के निर्माण से न केवल कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी। बल्कि इसमें किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए भी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जारी विकास का कार्य उन किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कृषि विज्ञान केंद्र के साथ जुड़े हैं। इससे क्षेत्र में कृषि की गतिविधियों को बढ़ावा भी मिलेगा।
-डॉ विशाल महाजन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, रजानी कठुआ।
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करीब 1 करोड़ की लागत होने वाले विकास से वहां न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि इससे कृषि विज्ञान केंद्र की आय का भी नया साधन तैयार हो रहा है। शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के एस्टेट विभाग द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य अपने अंतिम चरण में चल रहे हैं।
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12 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले कठुआ कृषि विज्ञान केंद्र रजानी परिसर में होने वाले विकास के कार्यों में पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए चेन लिंक फेंसिंग, एक सीड स्टोर, मशरूम डेमोंसट्रेशन सेंटर, फार्मर्स ट्रेनिंग हाल, एग्रीकल्चर प्रोडक्शन सेल प्वाइंट जैसी नई सुविधा विकसित की जा रही है। वहीं, करीब एक कनाल भूमि में बनाया गया हाइटेक पाली हाउस कृषि विज्ञान केंद्र की आय का साधन बनेगा। इसमें परिसर की चैन लिंक फेंसिंग सीड स्टोर और हाईटेक पाली हाउस का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि अन्य का काम अंतिम चरण में है।
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परिसर में बनाया गया पाॅली हाउस बनेगा आय का साधन
10 से 40 डिग्री तक परिवर्तनशील बनाए गए हाईटेक पाली हाउस में ऑफसीजन खेती की जाएगी। जो न केवल वहां आने वाले किसानों को पाली हाउस तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित करेगी। बल्कि कृषि विज्ञान केंद्र की अतिरिक्त आय का साधन भी बनेगी। इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
पहली बार बना सीड स्टोर
परिसर में करीब 500 मीट्रिक क्षमता वाला सीड स्टोर बनाया गया है। जो कृषि विज्ञान केंद्र में प्रायोगिक फसलों के बीजों को संरक्षित करने में सहायक होगा। वहीं इसमें किसानों को भी अपने बीज रखने की सहूलियत मिलेगी। आपको बता दें कि अभी तक जिले में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी, जिसमें किसान अपने बीज को अगली फसल तक के लिए सुरक्षित रख सके। नई सुविधा उनके बीज को संरक्षित रखने की चिंता को खत्म कर सकती है।
परिसर में ही मिलेगी कृषि उत्पाद बेचने की सुविधा
विकास कार्य के तहत परिसर में एग्रीकल्चर प्रोडक्शन सेल प्वाइंट का निर्माण किया जा रहा है। यहां किसान अपनी फसल या किसी भी प्रकार के अन्य कृषि उत्पादन को लाकर बेच सकेंगे। जो शहर के पास उन्हें बाजार उपलब्ध करवाने में सहायक होगा।
नए ट्रेनिंग हाल में मिलेगी आधुनिक कृषि की जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र में जारी निर्माण कार्य के तहत 100 किसानों के बैठने की क्षमता से युक्त फार्मर ट्रेंनिंग हाल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें किसानों को आधुनिक कृषि के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं इसके साथ ही किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत जानकारी देने की पहल के तहत मशरूम डेमोंसट्रेशन सेंटर भी तैयार किया जा रहा है। जिससे किसान खेती में नई-नई जानकारी जानकारी हासिल करने के साथ-साथ मशरूम उत्पादन के माध्यम से अपनी आय का अतिरिक्त साधन तैयार कर सकेंगे।
कोट
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ में नई सुविधाओं के निर्माण से न केवल कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी। बल्कि इसमें किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए भी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जारी विकास का कार्य उन किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कृषि विज्ञान केंद्र के साथ जुड़े हैं। इससे क्षेत्र में कृषि की गतिविधियों को बढ़ावा भी मिलेगा।
-डॉ विशाल महाजन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, रजानी कठुआ।