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Kathua News: तारबंदी के पार इस बार पानसर के किसान करेंगे खेती
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हीरानगर। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के पार पानसर गांव के लोग 22 साल बाद खेती करने जा रहे हैं। 90 के दशक के बाद उपजे तनावपूर्ण हालात में इस गांव के लोगों को अपनी ही खेतीहर जमीनों से महरूम होना पड़ा था। अनुछेद 370 समाप्त होने के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अनुकूल माहौल तैयार कर किसानों को खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
रबी सीजन के लिए खेती का काम शुरू होने के साथ ही इस बार कृषि विभाग ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के पार 350 एकड़ पर खेती का लक्ष्य रखा है। बीते साल 300 एकड़ पर खेती की गई थी। चक चंगा, करोल कृष्णा और करोल माथुरां के बाद अब जीरो लाइन पर बसे पानसर गांव के किसानों को विभाग ने खेती के लिए मनवाया है। विभाग का दावा है कि गांव के दस किसान 22 साल बाद तारबंदी के पार अपनी जमीन पर गेहूं बोएंगे। तारबंदी के पार हीरानगर सेक्टर में लगभग छह हजार कनाल जमीन है।
ज्ञात रहे कि मुट्ठी चाडू, पंजगराई, लौंडी, बोबिया, पाटी मेरू, करोल कृष्णा, करोल बिद्दो, करोल माथरिया, चक चंगा, छनटाडा, कडियाला, मनियारी, पानसर, रठुआ, गुजराल, ठगली, पहाड़पुर, मादा, छन्न लालदीन आदि गांव अंतराष्ट्रीय सीमा पर हीरानगर में तारबंदी के पार पड़ते हैं।
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कोट
तारबंदी के पार इस बार पानसर गांव के किसानों को खेती के लिए तैयार किया गया है। डीसी कठुआ डॉ. राकेश मिन्हास के निर्देश के बाद सीमावर्ती गांव का दौरा कर किसानों से बात की गई है। उन्हें तारबंदी के आगे खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को एकीकृत खेती, कृषि उत्पादन में आय बढ़ाने के लिए खेती की लागत को कम करने के लिए नवीनतम मशीनरी के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
-संजीव राय, मुख्य कृषि अधिकारी, कठुआ
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रबी सीजन के लिए खेती का काम शुरू होने के साथ ही इस बार कृषि विभाग ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के पार 350 एकड़ पर खेती का लक्ष्य रखा है। बीते साल 300 एकड़ पर खेती की गई थी। चक चंगा, करोल कृष्णा और करोल माथुरां के बाद अब जीरो लाइन पर बसे पानसर गांव के किसानों को विभाग ने खेती के लिए मनवाया है। विभाग का दावा है कि गांव के दस किसान 22 साल बाद तारबंदी के पार अपनी जमीन पर गेहूं बोएंगे। तारबंदी के पार हीरानगर सेक्टर में लगभग छह हजार कनाल जमीन है।
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ज्ञात रहे कि मुट्ठी चाडू, पंजगराई, लौंडी, बोबिया, पाटी मेरू, करोल कृष्णा, करोल बिद्दो, करोल माथरिया, चक चंगा, छनटाडा, कडियाला, मनियारी, पानसर, रठुआ, गुजराल, ठगली, पहाड़पुर, मादा, छन्न लालदीन आदि गांव अंतराष्ट्रीय सीमा पर हीरानगर में तारबंदी के पार पड़ते हैं।
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तारबंदी के पार इस बार पानसर गांव के किसानों को खेती के लिए तैयार किया गया है। डीसी कठुआ डॉ. राकेश मिन्हास के निर्देश के बाद सीमावर्ती गांव का दौरा कर किसानों से बात की गई है। उन्हें तारबंदी के आगे खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को एकीकृत खेती, कृषि उत्पादन में आय बढ़ाने के लिए खेती की लागत को कम करने के लिए नवीनतम मशीनरी के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
-संजीव राय, मुख्य कृषि अधिकारी, कठुआ