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Kathua News: प्राथमिक विद्यालय मॉड्यूल तैयारी पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू
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कठुआ। प्राथमिक विद्यालय मॉड्यूल तैयारी पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आगाज हो गया। डाइट बसोहली की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण मॉड्यूल विकसित करने के लिए शिक्षा विशेषज्ञों, पाठ्यक्रम डेवलपर्स और प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को एक साथ लाने पर जोर दिया गया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य डाइट स्वर्ण सिंह ने विद्यार्थियों की सहभागिता और समझ को बेहतर बनाने में अच्छी तरह से संरचित मॉड्यूल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी शिक्षण सामग्री गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रीढ़ है। यह कार्यशाला शिक्षकों को ऐसे मॉड्यूल विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी जो सीखने को अधिक इंटरेक्टिव और छात्र अनुकूल बनाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में मॉड्यूल विकास के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें सामग्री संरचना, गतिविधि-आधारित शिक्षण, मूल्यांकन के तरीके और डिजिटल एकीकरण शामिल हैं। जो विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को मॉड्यूल निर्माण के सर्वोत्तम तरीकों और व्यावहारिक दृष्टिकोणों के माध्यम से मार्गदर्शन करेंगे।
तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला के प्रमुख संसाधन व्यक्ति रवि कुमार, अमोल शर्मा, हरदेव कुमार, ईशा बडवाल, मोनिका खोलसा और शिवानी पठानिया हैं। कार्यशाला के समग्र प्रभारी राजेश सर्राफ ने कहा कि डाइट शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में इस तरह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम कार्यशालाओं के महत्व पर जोर देता है।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य डाइट स्वर्ण सिंह ने विद्यार्थियों की सहभागिता और समझ को बेहतर बनाने में अच्छी तरह से संरचित मॉड्यूल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी शिक्षण सामग्री गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रीढ़ है। यह कार्यशाला शिक्षकों को ऐसे मॉड्यूल विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी जो सीखने को अधिक इंटरेक्टिव और छात्र अनुकूल बनाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में मॉड्यूल विकास के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें सामग्री संरचना, गतिविधि-आधारित शिक्षण, मूल्यांकन के तरीके और डिजिटल एकीकरण शामिल हैं। जो विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को मॉड्यूल निर्माण के सर्वोत्तम तरीकों और व्यावहारिक दृष्टिकोणों के माध्यम से मार्गदर्शन करेंगे।
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तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला के प्रमुख संसाधन व्यक्ति रवि कुमार, अमोल शर्मा, हरदेव कुमार, ईशा बडवाल, मोनिका खोलसा और शिवानी पठानिया हैं। कार्यशाला के समग्र प्रभारी राजेश सर्राफ ने कहा कि डाइट शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में इस तरह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम कार्यशालाओं के महत्व पर जोर देता है।
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