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भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, जीवन दर्शन है: अमित शास्त्री
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हीरानगर। कंडी क्षेत्र के गांव मंगलूर में भागवत कथा के छठे दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कथावाचक अमित शास्त्री ने अपनी श्रद्धालुओं को श्रीहरि की भक्ति में सराबोर कर दिया।
उन्होंने भक्ति मार्ग की महिमा पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जो हमें धर्म, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य निष्काम भाव से प्रभु की भक्ति करता है, तो उसका जीवन सफल हो जाता है।
उन्होंने राजा परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार श्राप के प्रभाव से मिले मृत्यु के भय के बावजूद राजा परीक्षित ने भागवत कथा श्रवण कर परमगति को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह कथा हर मानव को यह संदेश देती है कि सच्ची भक्ति और प्रभु का स्मरण जीवन के अंतिम क्षणों में भी उद्धार कर सकता है। कथा के दौरान बीच-बीच में भजनों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।
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उन्होंने भक्ति मार्ग की महिमा पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जो हमें धर्म, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य निष्काम भाव से प्रभु की भक्ति करता है, तो उसका जीवन सफल हो जाता है।
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उन्होंने राजा परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार श्राप के प्रभाव से मिले मृत्यु के भय के बावजूद राजा परीक्षित ने भागवत कथा श्रवण कर परमगति को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह कथा हर मानव को यह संदेश देती है कि सच्ची भक्ति और प्रभु का स्मरण जीवन के अंतिम क्षणों में भी उद्धार कर सकता है। कथा के दौरान बीच-बीच में भजनों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।
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