कठुआ। अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के रवैए के खिलाफ पीएचई एंप्लाइज एसोसिएशन ने कड़ा रोष जताया है। सोमवार को जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में एसोसिएशन की ओर से आयोजित धरना प्रदर्शन में पहुंचे सैकड़ों कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर एसोसिएशन के जिला प्रधान कुलदीप राज ने विभाग के अधीक्षक अभियंता और कार्यकारी अभियंता को चेतावनी देते हुए कहा कि एसआरओ-59 और एसआरओ-149 के लाभार्थी कर्मचारियों से रिकवरी के लिए जारी किए गए आदेश को जल्द रद्द किया जाए। विभाग के अधिकारियों ने दोनों ही एसआरओ का लाभ लेने वाले विभाग के हजारों कर्मचारी जो कि जम्मू कश्मीर के अन्य जिलों में सेवारत हैं उनसे किसी तरह की रिकवरी के कोई आदेश नही जारी किया गया है। वहीं, कठुआ, सांबा और उधमपुर में कार्यरत कर्मचारियों को ही निशाना बनाया जाना अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाता है। खास तौर पर जब यह मामला देश की सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। लिहाजा अधिकारी को इस संबंध में कोई भी आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। अगर वाह इसके बावजूद भी कर्मचारियों से किसी तरह की रिकवरी करने का आदेश जारी कर रहे हैं तो वह सरासर न्यायालय के आदेश की तौहीन है। इसके अलावा जिला प्रधान ने विभाग में डीपीसी करने के साथ-साथ, अनियमित कर्मचारियों के लंबित वेतन को जारी करने, सेवानिवृत्त हो चुके अनियमित कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन का भुगतान करने के अलावा विभाग में सात वर्ष की सेवा को पूरा कर चुके सभी अनियमित कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग उठाई। धरने में मौजूद एसोसिएशन के राज्य प्रधान शिवकुमार शर्मा ने उपराज्यपाल से मानवता के आधार पर विभाग में सेवा दे रहे अस्थाई कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की अपील की। धरने में पीएचई एंप्लाइज एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान बलभद्र राज शर्मा, एसोसिएशन के चेयरमैन हरबंस लाल, उप प्रधान विजय कुमार, सचिव राकेश कुमार, उपसचिव जोगिंदर पाल, अश्वनी कुमार, शिवराम, ओम प्रकाश, दारा नाथ, महेंद्र कुमार, मुनीर खान, पारस सिंह, गोपाल सिंह, शमशेर सिंह आदि भी उपस्थित रहे।