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जल जीवन मिशन : जसरोटा हलके में दो साल बाद भी कोई योजना सिरे नहीं चढ़ी
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जल जीवन मिशन के तहत कंडी में अधूरा पड़ा ट्यूबवेल का निर्माण
- विधानसभा में गूंज रहा कंडी में पेयजल किल्लत का मुद्दा
-19 योजनाएं आंशिक रूप से मुकम्मल, 61 कई कारणों से अधर में
-निर्धारित 52 ट्यूबवेल में 39 खोदे जा चुके; चार में नहीं मिला पानी, एक पर होना है अभी काम
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जन जीवन मिशन के तहत हर घर जल का सपना अभी भी कंडी क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए दूर की कौड़ी बना हुआ है। विधानसभा परिसीमन के बाद नई बनी जसरोटा विधानसभा में 80 योजनाओं पर काम चल रहा है लेकिन दुर्भाग्य पिछले दो सालों में एक भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
विधानसभा के पटल पर स्थानीय विधायक राजीव जसरोटिया के सवाल के जवाब में संबंधित मंत्री ने बताया कि जसरोटा विधानसभा अभी तक कुल 80 योजनाओं पर काम किया जा रहा है। जिसमें से 19 आंशिक रूप से पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 61 योजनाएं पूरी होने के लिए विभिन्न चरणों में हैं। जल शक्ति विभाग के अनुसार विधानसभा में कंडी क्षेत्र में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए कुल 52 ट्यूबवेल खोदे जाने थे।
इसमें से 39 ट्यूबवेल अभी तक खोदे जा चुके हैं। इसमें चार खोदे गए ट्यूबवेल से अपेक्षित जल निकासी नहीं हो पाई है। जिसके चलते उनको वैकल्पिक स्थल पर ड्रिल किया जाएगा। वहीं, एक ट्यूबवेल को अभी खोदा जाना है, बल्कि आठ ट्यूबवेलों को खोदने का काम जोर से चल रहा है।
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- इन कारणों से हुई देरी
संबंधित विभाग की ओर से कंड़ी क्षेत्र की परियोजनाओं को क्रियान्वयन करने में विभिन्न कारणों का उल्लेख किया गया है। जिसमें
-निविदा के प्रति खराब प्रतिक्रिया
-परियोजनाओं को अमल में लाने के लिए उत्पन्न हुए भूमि विवाद
- वन मंजूरी आदि सहित विभिन्न विभागों से समय पर एनओसी न मिलना
-स्रोत स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ट्यूबवेल की सफल ड्रिलिंग के लिए तीन महीने का समय
-मिशन के तहत समय पर धन की उपलब्धता न होना
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यहां-यहां इतनी राशि के कार्य हुए मुकम्मल
ज्यादातर गांव में परियोजनाएं वर्ष 2023 में और कुछ में यह परियोजनाएं वर्ष 2022 में शुरू की गई थीं। जिसमें सौंथल गांव में एक करोड़ 30 लाख में से 72 लाख 84 हजार के काम पूरे हुए हैं। वहीं, जुथाना में एक करोड़ में से 73 लाख के, बदोली में चार करोड़ 35 में से दो करोड़ 80 लाख के, दबवाल में 83 लाख में से 68 लाख के, मंगतियां में दो करोड़ 55 लाख में से एक करोड़ 48 लाख, सेहस्वां में एक करोड़ 94 लाख में से एक करोड़ 20 लाख के, टंडायरी में 98 लाख में से 60 लाख के, जंडोर बरवाल में 81 लाख में से 77 लाख के, जसरोटा में चार करोड़ 52 लाख में से दो करोड़ 62 लाख के, कडयार कुमाला में 39 लाख में से 36 लाख के, कराखड़ में 2 करोड़ 18 लाख में से 63 लाख के, मुठ्ठी रकालवां 96 लाख में से 75 लाख के, पड़यारी में 5 करोड़ 81 लाख में से 3 कोरड़ 68 लाख के, रख होशियारी में 99 लाख में से 89 लाख के, सक्त्ता चक 5 करोड़ 11 लाख में से 2 करोड़ 42 लाख, उत्तरी में 97 लाख में से 92 लाखे के, सलाड़ा में एक करोड़ में से 95 लाख के और मलामन में एक करोड़ में से 87 लाख की राशि के काम पूरे हो चुके हैं।
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-19 योजनाएं आंशिक रूप से मुकम्मल, 61 कई कारणों से अधर में
-निर्धारित 52 ट्यूबवेल में 39 खोदे जा चुके
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जन जीवन मिशन के तहत हर घर जल का सपना अभी भी कंडी क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए दूर की कौड़ी बना हुआ है। विधानसभा परिसीमन के बाद नई बनी जसरोटा विधानसभा में 80 योजनाओं पर काम चल रहा है लेकिन दुर्भाग्य पिछले दो सालों में एक भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
विधानसभा के पटल पर स्थानीय विधायक राजीव जसरोटिया के सवाल के जवाब में संबंधित मंत्री ने बताया कि जसरोटा विधानसभा अभी तक कुल 80 योजनाओं पर काम किया जा रहा है। जिसमें से 19 आंशिक रूप से पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 61 योजनाएं पूरी होने के लिए विभिन्न चरणों में हैं। जल शक्ति विभाग के अनुसार विधानसभा में कंडी क्षेत्र में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए कुल 52 ट्यूबवेल खोदे जाने थे।
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इसमें से 39 ट्यूबवेल अभी तक खोदे जा चुके हैं। इसमें चार खोदे गए ट्यूबवेल से अपेक्षित जल निकासी नहीं हो पाई है। जिसके चलते उनको वैकल्पिक स्थल पर ड्रिल किया जाएगा। वहीं, एक ट्यूबवेल को अभी खोदा जाना है, बल्कि आठ ट्यूबवेलों को खोदने का काम जोर से चल रहा है।
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- इन कारणों से हुई देरी
संबंधित विभाग की ओर से कंड़ी क्षेत्र की परियोजनाओं को क्रियान्वयन करने में विभिन्न कारणों का उल्लेख किया गया है। जिसमें
-निविदा के प्रति खराब प्रतिक्रिया
-परियोजनाओं को अमल में लाने के लिए उत्पन्न हुए भूमि विवाद
- वन मंजूरी आदि सहित विभिन्न विभागों से समय पर एनओसी न मिलना
-स्रोत स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ट्यूबवेल की सफल ड्रिलिंग के लिए तीन महीने का समय
-मिशन के तहत समय पर धन की उपलब्धता न होना
यहां-यहां इतनी राशि के कार्य हुए मुकम्मल
ज्यादातर गांव में परियोजनाएं वर्ष 2023 में और कुछ में यह परियोजनाएं वर्ष 2022 में शुरू की गई थीं। जिसमें सौंथल गांव में एक करोड़ 30 लाख में से 72 लाख 84 हजार के काम पूरे हुए हैं। वहीं, जुथाना में एक करोड़ में से 73 लाख के, बदोली में चार करोड़ 35 में से दो करोड़ 80 लाख के, दबवाल में 83 लाख में से 68 लाख के, मंगतियां में दो करोड़ 55 लाख में से एक करोड़ 48 लाख, सेहस्वां में एक करोड़ 94 लाख में से एक करोड़ 20 लाख के, टंडायरी में 98 लाख में से 60 लाख के, जंडोर बरवाल में 81 लाख में से 77 लाख के, जसरोटा में चार करोड़ 52 लाख में से दो करोड़ 62 लाख के, कडयार कुमाला में 39 लाख में से 36 लाख के, कराखड़ में 2 करोड़ 18 लाख में से 63 लाख के, मुठ्ठी रकालवां 96 लाख में से 75 लाख के, पड़यारी में 5 करोड़ 81 लाख में से 3 कोरड़ 68 लाख के, रख होशियारी में 99 लाख में से 89 लाख के, सक्त्ता चक 5 करोड़ 11 लाख में से 2 करोड़ 42 लाख, उत्तरी में 97 लाख में से 92 लाखे के, सलाड़ा में एक करोड़ में से 95 लाख के और मलामन में एक करोड़ में से 87 लाख की राशि के काम पूरे हो चुके हैं।