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मिट्टी के संरक्षण की जानकारी दी गई
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कठुआ। विश्व मृदा दिवस पर जिला कृषि विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रविवार को जिले के मुख्य कृषि अधिकारी कार्यालय के सम्मेलन हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मिट्टी के संरक्षण और उसकी उत्पादकता बढ़ाने के बारे में किसानों को जानकारी दी गई।
इस मौके पर पर जिले के मुख्य कृषि अधिकारी विजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष विश्व मृदा दिवस पर होने वाले कार्यक्रम का उद्देश्य मिट्टी की लवणता को रोकना और मिट्टी की उत्पादकता को बढ़ावा देना है। वहीं, सहायक मृदा रसायनज्ञ चमनलाल ने कहा कि मिट्टी अनमोल संसाधन है, जिसे भविष्य की पीढ़ी के लिए संरक्षित करने की आवश्यकता है। जनसंख्या विस्फोट और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग के कारण मृदा स्वास्थ्य गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए समय की मांग है कि मिट्टी के कटाव को कम करने और उसकी उर्वरता बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वक्ताओं में शामिल सेवानिवृत्त मुख्य कृषि अधिकारी सोमनाथ शर्मा ने कहा कि किसान मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों की संतुलित मात्रा का प्रयोग करें। विश्व मृदा दिवस का उद्देश्य मृदा प्रबंधन में बढ़ती चुनौतियों का समाधान करते हुए मृदा पारिस्थितिकी तंत्र और मानव कल्याण को बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना, मृदा जैव विविधता के नुकसान से लड़ना और मृदा स्वास्थ्य के बारे में कृषक समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाना है, ताकि संरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर कृष्ण कांत, विषय विशेषज्ञ, राज सिंह, एस.डी.ए.ओ बसोहली, देविंदर सिंह ए.ई.ओ, सुनीता रानी ए.ई.ओ और अरविंद शर्मा जेएईओ ने उपस्थित किसानों का मार्गदर्शन किया।
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इस मौके पर पर जिले के मुख्य कृषि अधिकारी विजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष विश्व मृदा दिवस पर होने वाले कार्यक्रम का उद्देश्य मिट्टी की लवणता को रोकना और मिट्टी की उत्पादकता को बढ़ावा देना है। वहीं, सहायक मृदा रसायनज्ञ चमनलाल ने कहा कि मिट्टी अनमोल संसाधन है, जिसे भविष्य की पीढ़ी के लिए संरक्षित करने की आवश्यकता है। जनसंख्या विस्फोट और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग के कारण मृदा स्वास्थ्य गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए समय की मांग है कि मिट्टी के कटाव को कम करने और उसकी उर्वरता बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वक्ताओं में शामिल सेवानिवृत्त मुख्य कृषि अधिकारी सोमनाथ शर्मा ने कहा कि किसान मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों की संतुलित मात्रा का प्रयोग करें। विश्व मृदा दिवस का उद्देश्य मृदा प्रबंधन में बढ़ती चुनौतियों का समाधान करते हुए मृदा पारिस्थितिकी तंत्र और मानव कल्याण को बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना, मृदा जैव विविधता के नुकसान से लड़ना और मृदा स्वास्थ्य के बारे में कृषक समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाना है, ताकि संरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर कृष्ण कांत, विषय विशेषज्ञ, राज सिंह, एस.डी.ए.ओ बसोहली, देविंदर सिंह ए.ई.ओ, सुनीता रानी ए.ई.ओ और अरविंद शर्मा जेएईओ ने उपस्थित किसानों का मार्गदर्शन किया।
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