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मत्स्य बीज उत्पादन की जानकारी दी
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कठुआ। विश्व मत्स्य दिवस पर कठुआ स्थित राष्ट्रीय मत्स्य बीज फार्म में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सहायक निदेशक मत्स्य कठुआ लाल हुसैन और सहायक निदेशक मत्स्य सांबा मुजफ्फर मिंटू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जिले के विभिन्न हिस्सों से आए मत्स्य पालकों और मछुआरों को इसकी आधुनिक जानकारी से अवगत कराया साथ ही उन्हें फार्म के सरोवर और मत्स्य बीज उत्पादन के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर राष्ट्रीय मत्स्य बीज फार्म के चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर गोपाल कृष्ण ने बताया कि वर्ष 1997 से मछली उत्पादकों और मछली पालकों के विश्व फोरम का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था। इसके बाद से 18 देशों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर वर्ल्ड फिशरीज फोरम का गठन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों की स्थिति के साथ-साथ मछली पकड़ने और उनके आवास के प्रति आम लोगों का ध्यान केंद्रित करना रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मत्स्य पालन का प्रबंधन करने के तौर तरीकों में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। इसकी जानकारी भी इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को दी गई है। वहीं, इस मौके पर सहायक निदेशक मत्स्य कठुआ लाल हुसैन ने मत्स्य पालकों और मछुआरों को मत्स्य बीज के उत्पादन के साथ-साथ उनके पालन पोषण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान से मत्स्य पालकों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
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इस मौके पर राष्ट्रीय मत्स्य बीज फार्म के चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर गोपाल कृष्ण ने बताया कि वर्ष 1997 से मछली उत्पादकों और मछली पालकों के विश्व फोरम का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था। इसके बाद से 18 देशों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर वर्ल्ड फिशरीज फोरम का गठन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों की स्थिति के साथ-साथ मछली पकड़ने और उनके आवास के प्रति आम लोगों का ध्यान केंद्रित करना रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मत्स्य पालन का प्रबंधन करने के तौर तरीकों में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। इसकी जानकारी भी इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को दी गई है। वहीं, इस मौके पर सहायक निदेशक मत्स्य कठुआ लाल हुसैन ने मत्स्य पालकों और मछुआरों को मत्स्य बीज के उत्पादन के साथ-साथ उनके पालन पोषण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान से मत्स्य पालकों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
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