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हनीट्रैप: कठुआ के अमन ने सीमा पार बेचे टोल-टनल और पुल के चित्र, एक साल से था पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में

Mon, 21 Sep 2026 03:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा साहिल खजूरिया, कठुआ
साहिल खजूरिया, कठुआ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 21 Sep 2026 03:32 AM IST
सार

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर उसका इस्तेमाल देश के महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे की तस्वीरें जुटाने के लिए कर रहे थे।

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Honeytrap: Aman from Kathua sold pictures of toll tunnels and bridges across the border
प्रतीक चित्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हनीट्रैप में फंसकर सीमा पार संवेदनशील जानकारियां भेजने के आरोप में गिरफ्तार कठुआ के ट्रक चालक अमन कुमार से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर उसका इस्तेमाल देश के महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे की तस्वीरें जुटाने के लिए कर रहे थे।

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सूत्रों के मुताबिक, अमन ने लद्दाख और कश्मीर में बनी सुरंगों, संवेदनशील पुलों और हाईवे पर बने टोल प्लाजा की तस्वीरें विदेश में बैठे हैंडलरों को भेजी थीं। हैंडलर उससे सांबा सैन्य क्षेत्र की रैकी कराकर तस्वीरें हासिल करना चाहते थे। इससे पहले कि वह ऐसा कर पाता, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार मढ़ीन तहसील के सीमावर्ती दोलियां जट्टां (कोटपुन्नू) गांव निवासी अमन अक्तूबर 2025 से सीमा पार बैठे हैंडलरों के संपर्क में था।
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वह लद्दाख से लेकर उत्तर प्रदेश में लखनऊ और गुवाहाटी तक ट्रक लेकर जाता था। इसी आवाजाही का फायदा उठाकर हैंडलरों ने उसे रास्ते में पड़ने वाले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की तस्वीरें और अन्य जानकारियां जुटाने का काम सौंपा था। इनमें लद्दाख और कश्मीर को जोड़ने वाली सुरंगें, दर्रे और प्रमुख पुल शामिल थे। 
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...तो सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में डिजिटल निगरानी चौकी खड़ी की थी
इस मामले को सामान्य जासूसी से कहीं अधिक खतरनाक बनाने वाली बात विदेशी हैंडलरों की ऑपरेशनल रणनीति (टैक्टिक) है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी एजेंट केवल तस्वीरों या पुरानी सूचनाओं पर निर्भर रहने के बजाय रियल-टाइम निगरानी चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अमन को लगभग 20,000 रुपये की नकद राशि भेजी, जिससे उसने अपने घर पर दो हाई-डेफिनिशन स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे खरीदे और इंस्टॉल किए।

ये कैमरे एक्टिव मोबाइल सिम कार्ड से लैस थे, जो स्थानीय वाई-फाई या ब्रॉडबैंड नेटवर्क पर निर्भर रहे बिना स्वायत्त वायरलेस ट्रांसमीटर की तरह काम कर रहे थे। बॉर्डर रोड की ओर लगे इन उपकरणों से हैंडलरों को बिना किसी रुकावट के सीधे रियल-टाइम और एन्क्रिप्टेड वीडियो फीड मिल रही थी।

  • इस हाई-टेक सेटअप ने विदेशी एजेंटों को भारतीय क्षेत्र में जमीन पर उतरे बिना ही सैनिकों की लाइव तैनाती, भारी तोपखाने और सैन्य रसद काफिलों के आवागमन पर चौबीसों घंटे सीधी नजर रखने की सुविधा दी। या यूं कहें पाकिस्तानी हैंडलरों ने सीमा पार बैठे-बैठे ही भारतीय सीमावर्ती मार्ग पर एक स्थायी डिजिटल निगरानी चौकी स्थापित कर ली थी।

भरोसा जीतने के लिए रचा मिलने का स्वांग
सूत्रों के अनुसार, हनीट्रैप में अमन का भरोसा जीतने के लिए महिला हैंडलर ने उसे दो बार जम्मू में व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए बुलाया। हैंडलरों को जीपीएस से पता था कि वह दूसरे राज्य में है और नहीं आ पाएगा। यह प्रस्ताव सिर्फ भरोसा जीतने और मनोवैज्ञानिक नियंत्रण बनाने की एक चाल थी।

  • जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल से डिलीट डेटा और विदेशी नंबरों की रिकवरी की जा रही है। जांच में सामने आया है कि अमन ने सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने घर के कैमरों का लाइव एक्सेस सीमा पार दिया था। अब सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और स्लीपर सेल से जुड़े संदिग्धों की जांच पर फोकस कर रही हैं।  
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