{"_id":"68ed6604df41db814a0497b8","slug":"hiranagar-news-flyover-news-kathua-news-c-201-1-knt1002-125094-2025-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: सहसवां में रेलवे ट्रैक पर फ्लाईओवर की मांग तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: सहसवां में रेलवे ट्रैक पर फ्लाईओवर की मांग तेज
Tue, 14 Oct 2025 02:20 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 14 Oct 2025 02:20 AM IST
विज्ञापन
- फाटक बंद होने से रोजाना होती है परेशानी
हीरानगर। कंडी क्षेत्र के सहसवां गांव को हाईवे को जोड़ने वाली सड़क पर रेलवे फाटक के कारण होने वाली दैनिक असुविधा से त्रस्त स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पर फ्लाईओवर बनाने की मांग तेज कर दी है। फाटक बंद होने पर लोगों को 30 से 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है जिससे जाम, समय की बर्बादी और आपातकालीन स्थितियों में खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गांव की मुख्य सड़क पर स्थित यह रेलवे फाटक दिल्ली जम्मू रेल लाइन का हिस्सा है जहां दिन में कई ट्रेनें गुजरती हैं। सुबह-शाम के व्यस्त समय में फाटक बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय व्यापारी, किसान और छात्र इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
रोजाना फाटक बंद होने से हमारा काम प्रभावित होता है। ग्राहक इंतजार नहीं करते और चले जाते हैं। फ्लाईओवर बन जाए तो यातायात सुचारु हो जाएगा और समय बचेगा।
विज्ञापन
सोहन कुमार, दुकानदार
कॉलेज जाते समय अक्सर फाटक बंद होता है तो लेट हो जाती हूं। परीक्षा के दिनों में तो और ज्यादा दिक्कत होती है। सरकार को जल्दी कुछ करना चाहिए।
- प्रिया शर्मा, छात्रा
फाटक बंद होने पर कई बार 10 से 30 मिनट इंतजार करना पड़ता है। गांव में अगर कोई बीमार होता है तो ले जा रहे वाहन को भी यहां रुकना पड़ता है, ऐसी आपात स्थिति में मजबूरन लोगों को दूसरे गांव से होकर हाईवे पर पहुंचना पड़ता है।
सुरेश कुमार, स्थानीय निवासी
विज्ञापन
हीरानगर। कंडी क्षेत्र के सहसवां गांव को हाईवे को जोड़ने वाली सड़क पर रेलवे फाटक के कारण होने वाली दैनिक असुविधा से त्रस्त स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पर फ्लाईओवर बनाने की मांग तेज कर दी है। फाटक बंद होने पर लोगों को 30 से 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है जिससे जाम, समय की बर्बादी और आपातकालीन स्थितियों में खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गांव की मुख्य सड़क पर स्थित यह रेलवे फाटक दिल्ली जम्मू रेल लाइन का हिस्सा है जहां दिन में कई ट्रेनें गुजरती हैं। सुबह-शाम के व्यस्त समय में फाटक बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय व्यापारी, किसान और छात्र इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
विज्ञापन
रोजाना फाटक बंद होने से हमारा काम प्रभावित होता है। ग्राहक इंतजार नहीं करते और चले जाते हैं। फ्लाईओवर बन जाए तो यातायात सुचारु हो जाएगा और समय बचेगा।
विज्ञापन
सोहन कुमार, दुकानदार
कॉलेज जाते समय अक्सर फाटक बंद होता है तो लेट हो जाती हूं। परीक्षा के दिनों में तो और ज्यादा दिक्कत होती है। सरकार को जल्दी कुछ करना चाहिए।
- प्रिया शर्मा, छात्रा
फाटक बंद होने पर कई बार 10 से 30 मिनट इंतजार करना पड़ता है। गांव में अगर कोई बीमार होता है तो ले जा रहे वाहन को भी यहां रुकना पड़ता है, ऐसी आपात स्थिति में मजबूरन लोगों को दूसरे गांव से होकर हाईवे पर पहुंचना पड़ता है।
सुरेश कुमार, स्थानीय निवासी