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Kathua News: दांतों के हर रोग का इलाज अब जीएमसी में, नई मशीनरी और स्टाफ तैनात

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कठुआ। जिले में किसी भी प्रकार के दंत रोग के इलाज के लिए निजी अस्पतालों में जेब ढीली नहीं करनी होगी। जीएमसी कठुआ में दांतों में संबंधित हर प्रकार के रोग का इलाज अब संभव है। जीएमसी के दंत चिकित्सा विभाग का कायाकल्प कर दिया गया है। नए इन्फ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी के साथ दंत रोग विशेषज्ञों की तैनाती कर दी गई है। इसके चलते जिले के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
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बता दें कि ऐसी कई दंत चिकित्सा सेवाएं हैं, जिनकी सुविधा पहले जीएमसी के दंत रोग विभाग में नहीं थी लेकिन अब वहां हर सुविधा मौजूद है। जीएमसी प्रबंधन ने यहां एक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और दो कंसल्टेंट नियुक्त किए हैं। इसके अलावा यहां दो सीनियर रेजीडेंट और 14 दंत टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। जीएमसी में रोजाना 200 के करीब लोग अपने दांतों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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इन मशीनों से लेस हुआ दंत चिकित्सा विभाग
जानकारी के मुताबिक जीएमसी के दंत चिकित्सा विभाग में पांच नई डेंटल चेयर, एक सीबीसीटी मशीन, तीन सॉफ्ट टिश्यू लेजर, तीन एंडोमोटर्स और अन्य नए डेंटल उपकरणों को शामिल करके उपचार विकल्पों का विस्तार किया गया है। जीएमसी प्रबंधन का कहना है कि नई हाईटेक डेंटल चेयर के आने से मरीजों के इलाज की क्षमता कई गुना बढ़ गई है। अब लोगों को उपचार करवाने के लिए कई घंटों तक अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे मरीजों का समय और पैसा बचेंगे।
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30 सेकेंड में सैकड़ों फोटो खींच थ्रीडी छवि बनाने वाली सीबीसीटी भी इंस्टाल
जीएमसी में सीबीसीटी (कोन बीम कंप्यूटर टोमोग्राफी) एक्सरे यूनिट भी शुरू की गई है, जो दंत चिकित्सा के साथ-साथ कान, नाक और गले संबंधी रोगों में एक्स-रे से कई गुना स्टीक रिजल्ट देती है। 30 सेकेंड से भी कम समय में यह मशीन सैकड़ों फोटो खींच सकती है और इससे उक्त रोगों में थ्रीडी छवि बनाकर इलाज को सरल किया जा सकता है। यह सॉफ्टवेयर डेंटल पेशेवरों को हड्डी और नरम ऊतक विकृति, सिस्ट और ट्यूमर जैसी बीमारियों को भांप लेता है। यह जबड़े के जोड़ और उसके आसपास की मांसपेशियों में दर्द के अलावा दंत प्रत्यारोपण प्लेसमेंट, सिस्ट और ट्यूमर के 100 फीसदी उपचार का निदान करने में मदद करता है। अधिकारियों का कहना है कि यह मशीन एक हाईब्रिड प्रकार का डेंटल स्कैन है। यह उन दांतों के विकार का पता लगाने में सक्षम है, जो फूटे नहीं हैं। जीएमसी के दंत चिकित्सा विभाग में तीन सॉफ्ट टिश्यू लेजर भी स्थापित किए गए हैं, जो विभिन्न मौखिक स्थितियों जैसे मसूड़ों में खराबी, तालू और जीभ से संबंधित रोग, खराब जाड़ का इलाज, लाल और सफेद घावों और अल्सर को हटाने के लिए समाधान प्रदान करते हैं। इनसे न केवल बायोप्सी ली जा सकती है, बल्कि इंप्लांट रिकवरी, दांत के डिसेन्सिटाइजेशन और ओरोफेशियल दर्द प्रबंधन में मदद ली जाती है। इसे दंत चिकित्सा का स्मार्ट तरीका कहा जाता है, जो सर्जरी के बाद कम से कम जटिलताओं के साथ तेजी से उपचार करने में सक्षम बनाता है।

-जीएमसी प्रबंधन मरीजों के लिए हर सुविधा देने के लिए वचनबद्ध है। सुविधाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। दंत चिकित्सा विभाग में कई नई सुविधाओं की शुरुआत की गई है ताकि लोगों का समय और पैसा बचाया जा सके।
-डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री प्रिंसिपल जीएमसी
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