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Kathua News: फुटपाथों पर दुकानदारों और सड़कों पर रेहड़ियों की भरमार, कैसे जाएं आरपार
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कठुआ। शहर के मुख्य बाजारों, चौक-चौराहों, गलियों में दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों की ओर से किया गया अतिक्रमण दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। इसे हटाने की कवायद सिर्फ घोषणाओं और चेतावनियों तक ही सीमित है। दशकों से जारी इस अतिक्रमण को हटाने के लिए गत वर्ष जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया लेकिन वह भी लोगों के विरोध के बाद ठप हो गई। परिणामस्वरूप शहर के बाजारों में वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
करीब डेढ़ दशक पहले शहर में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए हुए विस्तारीकरण के दौरान कालीबड़ी से लेकर हटली मोड़ तक नई सड़क का निर्माण किया गया था। इसके दोनों छोर से पैदल आने-जाने वाले लोगो की सहूलियत के लिए फुटपाथ बनाए गए थे लेकिन इस फुटपाथ पर कहीं दुकानदारों का कब्जा है तो कहीं आम लोगाें ने इसे पार्किंग बना दिया है। शहर के मुख्य बाजार सहित जराई चौक, कोर्ट रोड और शहीदी चौक में सबसे ज्यादा अतिक्रमण देखा जा सकता है। यहां दुकानदारों की ओर से फुटपाथ पर और रेहड़ियों का सड़क पर कब्जा देखा जा सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए गत वर्ष नगर परिषद ने अभियान शुरू किया था। करीब एक माह तक चले इस अभियान में जगह-जगह कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया लेकिन बाद में रेहड़ी दुकानदारों के विरोध को देखते हुए इसे बंद कर दिया गया। इससे दोबारा फिर से अतिक्रमण अपने चरम पर पहुंचे चुका है। शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जगह-जगह खड़ी रेहड़ी-फड़ी न केवल आवागमन में बाधा बन रही हैं, बल्कि प्रशासन की लाचारी को बयां कर रही हैं क्योंकि इनके कारण लोगों का वाहन लेकर चलना मुश्किल हो जाता है। शहर में कहीं भी लग जाने वाली रेहड़ी-फड़ी के कारण जाम लगना आम बात है।
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शहर की आबादी समय के साथ लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है और रोजगार के लिए लोगों का बाहर आने का सिलसिला भी बढ़ता जा रहा है लेकिन शहर में इन समस्याओं का निदान करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जो पहल होनी चाहिए थी, वह नहीं हो पाई है। गत वर्ष अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान के बाद शहर में पार्किंग और रेडी-फड़ी जोन बनाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन वह आज तक जमीन पर दिखाई नहीं देती है। लिहाजा ऐसी समस्याओं का बना रहना स्वाभाविक है।
-ताराचंद, निवासी हटली मोड़
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शहर के फुटपाथों और सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रयास तो कई बार हुए लेकिन इन प्रयासों में कभी भी गंभीरता नहीं रही है। इसका नतीजा यह रहा कि कुछ दिनों तक चलने के बाद यह अभियान ठप हो जाते हैं और स्थिति जस की तस हो जाती है। इससे लोग परेशान रहते हैं। अगर प्रशासन वाकई इस समस्या का समाधान करना चाहता है तो पहले इस पर मंथन किया जाना चाहिए ताकि वह प्रभावी हो और लोगों को भी राहत मिल पाए।
-नसीब सिंह, निवासी शिवानगर
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शहर की इस समस्या का समाधान करने के लिए नगर परिषद की ओर से वेंडिग जोन को विकसित किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव के चलते वह काम कुछ प्रभावित हुआ है लेकिन जैसे ही वेंडिंग जोन का काम पूरा होता है तो शहर में लगने वाली सभी रेहड़ी और फड़ी को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। जहां तक दुकानदारों की ओर से फुटपाथ पर अतिक्रमण किए जाने की बात है तो उसे जल्द हटाया जाएगा।
-निनाद सेन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ।
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करीब डेढ़ दशक पहले शहर में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए हुए विस्तारीकरण के दौरान कालीबड़ी से लेकर हटली मोड़ तक नई सड़क का निर्माण किया गया था। इसके दोनों छोर से पैदल आने-जाने वाले लोगो की सहूलियत के लिए फुटपाथ बनाए गए थे लेकिन इस फुटपाथ पर कहीं दुकानदारों का कब्जा है तो कहीं आम लोगाें ने इसे पार्किंग बना दिया है। शहर के मुख्य बाजार सहित जराई चौक, कोर्ट रोड और शहीदी चौक में सबसे ज्यादा अतिक्रमण देखा जा सकता है। यहां दुकानदारों की ओर से फुटपाथ पर और रेहड़ियों का सड़क पर कब्जा देखा जा सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए गत वर्ष नगर परिषद ने अभियान शुरू किया था। करीब एक माह तक चले इस अभियान में जगह-जगह कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया लेकिन बाद में रेहड़ी दुकानदारों के विरोध को देखते हुए इसे बंद कर दिया गया। इससे दोबारा फिर से अतिक्रमण अपने चरम पर पहुंचे चुका है। शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जगह-जगह खड़ी रेहड़ी-फड़ी न केवल आवागमन में बाधा बन रही हैं, बल्कि प्रशासन की लाचारी को बयां कर रही हैं क्योंकि इनके कारण लोगों का वाहन लेकर चलना मुश्किल हो जाता है। शहर में कहीं भी लग जाने वाली रेहड़ी-फड़ी के कारण जाम लगना आम बात है।
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शहर की आबादी समय के साथ लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है और रोजगार के लिए लोगों का बाहर आने का सिलसिला भी बढ़ता जा रहा है लेकिन शहर में इन समस्याओं का निदान करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जो पहल होनी चाहिए थी, वह नहीं हो पाई है। गत वर्ष अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान के बाद शहर में पार्किंग और रेडी-फड़ी जोन बनाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन वह आज तक जमीन पर दिखाई नहीं देती है। लिहाजा ऐसी समस्याओं का बना रहना स्वाभाविक है।
-ताराचंद, निवासी हटली मोड़
शहर के फुटपाथों और सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रयास तो कई बार हुए लेकिन इन प्रयासों में कभी भी गंभीरता नहीं रही है। इसका नतीजा यह रहा कि कुछ दिनों तक चलने के बाद यह अभियान ठप हो जाते हैं और स्थिति जस की तस हो जाती है। इससे लोग परेशान रहते हैं। अगर प्रशासन वाकई इस समस्या का समाधान करना चाहता है तो पहले इस पर मंथन किया जाना चाहिए ताकि वह प्रभावी हो और लोगों को भी राहत मिल पाए।
-नसीब सिंह, निवासी शिवानगर
शहर की इस समस्या का समाधान करने के लिए नगर परिषद की ओर से वेंडिग जोन को विकसित किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव के चलते वह काम कुछ प्रभावित हुआ है लेकिन जैसे ही वेंडिंग जोन का काम पूरा होता है तो शहर में लगने वाली सभी रेहड़ी और फड़ी को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। जहां तक दुकानदारों की ओर से फुटपाथ पर अतिक्रमण किए जाने की बात है तो उसे जल्द हटाया जाएगा।
-निनाद सेन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ।