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Kathua News: घरों व दुकानों में घुसा बाढ़ का पानी, फसलों को भी नुकसान
Mon, 18 Aug 2025 01:34 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 18 Aug 2025 01:34 AM IST
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वार्ड सात में भारी बाढ़ से दीवार तोड़ कर पानी के बहाव से बाहर लुढ़की कार
कठुआ। खरोट मोड़ स्थित नई बस्ती में दर्जनों घरों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। घरों में रखी खाद्य सामग्री सहित इलेक्ट्रॉनिक सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। अचानक आई बाढ़ ने खरोट को लगने वाले मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया है, बल्कि खरोट मोड़ पर बनी दो दुकानों के बेसमेंट में पानी भरने से दुकानदारों को काफी नुकसान पहुंचा है।
खरोट गांव के पूर्व सरपंच मोहन सिंह ने बताया कि दरअसल हाईवे विस्तारीकरण के निर्माण के चलते खरोट मोड़ स्थित निर्माण कंपनी ने पानी की निकासी को बंद कर दिया है। जिसके चलते नाले का पानी दुकानों के अंदर घुस गया। इससे बेसमेंट में रखी सारी सब्जी खराब हो गई।
दुकान के मालिक विकी सिंह और सुरिंद्र सिंह (शिन्दु) ने बताया कि पिछले चार दिनों में यह दूसरी बार हुआ है कि बाढ़ के पानी ने उनकी दुकान में जा घुसा और भारी नुकसान हुआ है। हालांकि उन्होंने इसकी शिकायत हाईवे अथारिटी के निर्माण में लगी कंपनी सहित जिला प्रशासन को शिकायत कर उचित निकासी की मांग की गई थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं खरोट मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास बहती रावी तवी की नहर में अचानक पानी आ जाने से सारा पानी खेतों में भर गया। जिससे खरोट मोड़ स्थित नई बस्ती के घरों में बाढ़ के हालात बन गए। लोगों को कहना है कि बाढ़ का पानी इतना तेज और बहावदार था कि जब रात को घरों में घुसा तो उनको ही नहीं चला कि आखिर इतना पानी कहां से आ गए। स्थानीय लोग पूरा दिन अपने परिजनों के साथ बाढ़ से घर के अंदर घुसा मलबा को निकालते दिखाई दिए।
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किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान
बाढ़ से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। तेज बारिश के बाद आई बाढ़ से कई जगहों पर पानी किसानों के खेतों से बह गया। इससे धान, मक्का और खेतों में किसानों ने उगाई सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसान प्रदीप सिंह, सोहन लाल, मक्खन सिंह ने बताया कि दरअसल नहर में अचानक आई बाढ़ से सारा पानी खेतों में घुस गया। जिससे धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। खेतों में इतना मलबा इकट्ठा हो गया है कि धान के पौधे दिखाई ही नहीं दे रहे है। खेतों में या तो कूड़ा कचरा, प्लास्टिक या बाढ़ का सिर्फ मलबा ही दिखाई दे रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द नुकसान का मुआयना लगा कर किसानों की बर्बाद फसल की भरपाई की जाए।
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खरोट गांव के पूर्व सरपंच मोहन सिंह ने बताया कि दरअसल हाईवे विस्तारीकरण के निर्माण के चलते खरोट मोड़ स्थित निर्माण कंपनी ने पानी की निकासी को बंद कर दिया है। जिसके चलते नाले का पानी दुकानों के अंदर घुस गया। इससे बेसमेंट में रखी सारी सब्जी खराब हो गई।
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दुकान के मालिक विकी सिंह और सुरिंद्र सिंह (शिन्दु) ने बताया कि पिछले चार दिनों में यह दूसरी बार हुआ है कि बाढ़ के पानी ने उनकी दुकान में जा घुसा और भारी नुकसान हुआ है। हालांकि उन्होंने इसकी शिकायत हाईवे अथारिटी के निर्माण में लगी कंपनी सहित जिला प्रशासन को शिकायत कर उचित निकासी की मांग की गई थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं खरोट मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास बहती रावी तवी की नहर में अचानक पानी आ जाने से सारा पानी खेतों में भर गया। जिससे खरोट मोड़ स्थित नई बस्ती के घरों में बाढ़ के हालात बन गए। लोगों को कहना है कि बाढ़ का पानी इतना तेज और बहावदार था कि जब रात को घरों में घुसा तो उनको ही नहीं चला कि आखिर इतना पानी कहां से आ गए। स्थानीय लोग पूरा दिन अपने परिजनों के साथ बाढ़ से घर के अंदर घुसा मलबा को निकालते दिखाई दिए।
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किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान
बाढ़ से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। तेज बारिश के बाद आई बाढ़ से कई जगहों पर पानी किसानों के खेतों से बह गया। इससे धान, मक्का और खेतों में किसानों ने उगाई सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसान प्रदीप सिंह, सोहन लाल, मक्खन सिंह ने बताया कि दरअसल नहर में अचानक आई बाढ़ से सारा पानी खेतों में घुस गया। जिससे धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। खेतों में इतना मलबा इकट्ठा हो गया है कि धान के पौधे दिखाई ही नहीं दे रहे है। खेतों में या तो कूड़ा कचरा, प्लास्टिक या बाढ़ का सिर्फ मलबा ही दिखाई दे रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द नुकसान का मुआयना लगा कर किसानों की बर्बाद फसल की भरपाई की जाए।

वार्ड सात में भारी बाढ़ से दीवार तोड़ कर पानी के बहाव से बाहर लुढ़की कार