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मछली पकड़ने के लिए मछुआरों-ठेकेदार में ठनी
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:57 AM IST
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रंजीत सागर झील से मछली पकड़ने के मामले में कुछ मछुआरों ने ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया।
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पिछले एक महीने से लगातार विरोध दर्ज करवा रहे मछुुआरों ने विभाग पर ठेकेदार से मिलीभगत का आरोप लगाया है। स्थानीय मछुआरों को नजरअंदाज करने और बाहरी मछुआरों को बढ़ावा देने को लेकर भी जमकर प्रदर्शन किया।
वहीं ठेकेदार ने टेंडर नियमों के अनुसार विभाग को अस्सी मछुआरे उपलब्ध करवाने और लगातार काम को प्रभावित करने वाले मछुआरों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।
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बुधवार को स्थानीय मछुआरों के एक धड़े ने एक बार फिर विभाग और ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रफीक रजा ने बताया कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से स्थानीय मछुआरों को कम रेट पर मछलियां पकड़ने को मजबूर किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि बाहरी मछुआरों को रंजीत सागर झील से मछलियां पकड़ने के लिए लाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद मछुआरे शांत हुए। ठेकेदार परमदीप सिंह और कंपनी की ओर से मत्स्य पालन विभाग के साथ जिला उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाई गई। इस संबंध में मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर साफ कहा गया है कि कुछ मछुआरे जानबूझ कर ठेकेदार का काम प्रभावित कर रहे हैं।
ऐसे में इन मछुआरों के लाइसेंस रद्द करने के साथ ही ठेकेदार को कहीं और से मछुआरे उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया 32 लाख रुपये में रंजीत सागर झील से मछलियां पकड़ने का टेंडर लिया गया था, लेकिन कुछ मछुआरों ने पिछले 16 दिन से कामकाज प्रभावित कर रखा है।
स्थानीय मछुआरों लगाने के लिए समाचार पत्रों के माध्यम से दो बार विज्ञापन दिया गया है, लेकिन एक भी नया मछुआरा शामिल नहीं हो रहा है। उधर विभाग भी ठेकेदार को टेंडर के अनुरूप 80 मछुआरे उपलब्ध नहीं करवा जा रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।