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पशुशाला में लगी आग, दो मवेशियों की मौत, चार की हालत गंभीर
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जंगलोट के पटियाड़ी गांव में शुक्रवार तड़के एक पशुशाला में आग लग गई। इस दौरान दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार बुरी तरह से झुलस गए। पशुशाला में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अनुमान लगाया जा रहा कि शार्ट सर्किट से आग लगी होगी। वहीं, नॉन मोटरेबल रोड होने के चलते दमकल विभाग का वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका।
पटियाड़ी गांव निवासी कासिम दीन ने बताया कि सुबह करीब चार बजे आग लगने का पता चला। अफरा-तफरी के बीच आग को बुझाने का प्रयास किया गया। इस बीच आग की चपेट में आकर छह मवेशी झुलस गए। इनमें से दो की मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर है। स्थानीय निवासी मोहम्मद जुनैद ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे, तो देखा कि आग काफी फैल चुकी है। झुलसे चार मवेशियों की हालत गंभीर है।
मोहम्मद जुनैद ने का कि कासिम दीन दूध बेचकर ही गुजारा करते थे। ऐसे में सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। स्थानीय मोहम्मद लतीफ ने बताया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, लेकिन रास्ता न मिलने के चलते दमकल विभाग का वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका। कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग को काबू करने की कोशिश की।
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फायर स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि जंगलोट के पटियाडी में आग लगने से 80 हजार के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि फायर टेंडर को समय रहते घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया था, लेकिन नॉन मोटरेबल रोड होने के चलते दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका। हालांकि कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मौके पर आग को बुझाने का काम किया है।
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पटियाड़ी गांव निवासी कासिम दीन ने बताया कि सुबह करीब चार बजे आग लगने का पता चला। अफरा-तफरी के बीच आग को बुझाने का प्रयास किया गया। इस बीच आग की चपेट में आकर छह मवेशी झुलस गए। इनमें से दो की मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर है। स्थानीय निवासी मोहम्मद जुनैद ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे, तो देखा कि आग काफी फैल चुकी है। झुलसे चार मवेशियों की हालत गंभीर है।
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मोहम्मद जुनैद ने का कि कासिम दीन दूध बेचकर ही गुजारा करते थे। ऐसे में सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। स्थानीय मोहम्मद लतीफ ने बताया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, लेकिन रास्ता न मिलने के चलते दमकल विभाग का वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका। कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग को काबू करने की कोशिश की।
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फायर स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि जंगलोट के पटियाडी में आग लगने से 80 हजार के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि फायर टेंडर को समय रहते घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया था, लेकिन नॉन मोटरेबल रोड होने के चलते दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका। हालांकि कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मौके पर आग को बुझाने का काम किया है।