{"_id":"6ab2ec0e4a168da8460c4f97","slug":"fir-rajistered-kathua-news-c-312-1-sjam1007-104114-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: पुलिस ने हत्या की बजाए आतमहत्या के लिए उकसाने की धारा में दर्ज किया मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: पुलिस ने हत्या की बजाए आतमहत्या के लिए उकसाने की धारा में दर्ज किया मुकदमा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सीमावर्ती गांव सई सरदारी में विवाहिता सुषमा देवी की माैत के मामले में पति सहित छह आरेापियों की गिरफ्तारी व मामले में बीएनएस की धारा 108 के तहत कार्रवाई पर मृतका के परिजनों में आक्रोश है। सभी ने मांग की है कि आरोपियों पर हत्या की धाराओं पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। पुलिस ने पूरे मामले में बीएनएएस की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें आत्महत्या के लिए किसी व्यक्ति को उकसाना या मजबूर करना होता है। यह गैर जमानती धारा है।
मृतका सुषमा देवी के मायके वालों ने ससुराल पर दहेज के लिए हत्या करने का आरेाप लगाया है। पुलिस ने हंगामे के बाद सोमवार को पति सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन मुकदमा दर्ज करने में सीधे हत्या की धारा न जोड़कर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद चर्चाएं शुरू हो गईं कि कहीं न कहीं पुलिस आरेापियों को बचाने का काम कर रही है। पूरे मामले में जहां परिजनों के आक्रोश के बाद घटना में पथराव के कारण एसआई सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हालात बेकाबू होने के बाद अधिकारियों ने मोर्चा संभाला तब जाकर स्थिति नियंत्रित की जा सकी। पुलिस ने आननफानन कार्रवाई कर आरोपियों को दबोचा लेकिन मुकदमा लिखने में खेल कर दिया। जिसके बाद मृतका के परिजनों में आक्रोश देखा जा रहा है। पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई के तहत हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद पिता की तरफ से न्याय की मांग की जा रही है।
एडवोकेट रोहित चौधरी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता था। लेकिन कानूनी बदलावों के बाद बीएनएस के नए कानून में बीएनएस की धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाना या मजबूर करना हैं। पूरी घटना में इसके तहत आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। यह गैर जमानती धारा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरएस पुरा। सीमावर्ती गांव सई सरदारी में विवाहिता सुषमा देवी की माैत के मामले में पति सहित छह आरेापियों की गिरफ्तारी व मामले में बीएनएस की धारा 108 के तहत कार्रवाई पर मृतका के परिजनों में आक्रोश है। सभी ने मांग की है कि आरोपियों पर हत्या की धाराओं पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। पुलिस ने पूरे मामले में बीएनएएस की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें आत्महत्या के लिए किसी व्यक्ति को उकसाना या मजबूर करना होता है। यह गैर जमानती धारा है।
मृतका सुषमा देवी के मायके वालों ने ससुराल पर दहेज के लिए हत्या करने का आरेाप लगाया है। पुलिस ने हंगामे के बाद सोमवार को पति सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन मुकदमा दर्ज करने में सीधे हत्या की धारा न जोड़कर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद चर्चाएं शुरू हो गईं कि कहीं न कहीं पुलिस आरेापियों को बचाने का काम कर रही है। पूरे मामले में जहां परिजनों के आक्रोश के बाद घटना में पथराव के कारण एसआई सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हालात बेकाबू होने के बाद अधिकारियों ने मोर्चा संभाला तब जाकर स्थिति नियंत्रित की जा सकी। पुलिस ने आननफानन कार्रवाई कर आरोपियों को दबोचा लेकिन मुकदमा लिखने में खेल कर दिया। जिसके बाद मृतका के परिजनों में आक्रोश देखा जा रहा है। पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई के तहत हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद पिता की तरफ से न्याय की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
एडवोकेट रोहित चौधरी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता था। लेकिन कानूनी बदलावों के बाद बीएनएस के नए कानून में बीएनएस की धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाना या मजबूर करना हैं। पूरी घटना में इसके तहत आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। यह गैर जमानती धारा है।
विज्ञापन