फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   elecrticity news

Kathua News: अघोषित बिजली कटौती से पसीना-पसीना हुआ सीना

विज्ञापन
elecrticity news
कठुआ। जिले में बिजली की अघोषित कटौती ने आम आदमी को पसीने से तरबतर कर दिया है। भीषण गर्मी और उमस में बढ़े बिजली संकट से जहां आम आदमी परेशान है, वहीं लघु उद्योग करने वाले दिक्कत में हैं। कामकाज के समय में लोगों को छह घंटे भी बिजली की सप्लाई नहीं मिल रही है।
विज्ञापन


बिजली की अघोषित कटौती से जहां शहर के सभी 21 वार्डों में रहने वाले लोग परेशान हैं, वहीं आसपास के गांवों में लोग भी बेहाल हैं। बीती रात शहर से सटे गोविंदसर और खरोट में बिजली न होने से लोगों ने सारी रात जागकर गुजारी है। उमस भरी गर्मी में बढ़े लोड से बिजली विभाग के ट्रांसफार्मरों का हांफना भी शुरू हो गया है। इस मौसम में अगर कही भी ट्रांसफार्मर में खराबी आ जाए तो उसे ठीक होने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है। गत दिनों शहर के कृष्णा कॉलोनी स्थित जलशक्ति विभाग के स्टेशन की बिजली सप्लाई करने वाले ट्रांसफार्मर में आई खराबी के बाद से कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी ठप हो गई है, जिससे लोग और परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन


शहर के वार्ड एक से पूर्व पार्षद तरसेम चंद ने बताया कि उनके मोहल्ले में पानी की सप्लाई करने वाले ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर पिछले तीन दिनों से खराब है। इसके कारण पानी की सप्लाई ठप पड़ी हुई है। विभाग के अधिकारियों से बार-बार गुजारिश किए जाने के बाद उनके मोहल्ले में पानी का एक टैंकर भेजा गया, जो चंद मिनटों में ही खाली हो गया है, जबकि मोहल्ले के हर परिवार को पानी भी नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग की ओर से फिलहाल दिन के समय 250 मेगावाट तक बिजली की सप्लाई की जा रही है। बावजूद इसके यह नाकाफी साबित हो रही है। ओवरलोड चल रहे हीरानगर ग्रिड से बिजली की अघोषित कटौती भी अब विभाग के लिए मजबूरी बन गई है। उधर, निचले स्तर पर फीडरों का हाल भी बुरा है। शहर के तमाम फीडर ओवरलोडिंग से हांफ रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि बिजली के ट्रांसफार्मरों पर लोड की वजह से लगातार फ्यूज क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला जारी है। बिजली की खबर के साथ


शहरी क्षेत्र में चार और ग्रामीण क्षेत्र में छह घंटे प्रतिदिन कटौती का प्रावधान
दैनिक रूप से होने वाली बिजली की कटौती के संबंध में विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिजली की आपूर्ति व्यवस्था में शहरी क्षेत्र में 4 घंटे प्रतिदिन और ग्रामीण क्षेत्र में 6 घंटे प्रतिदिन कटौती किए जाने की प्रावधान है। लेकिन इसके साथ ही आवश्यक होने पर अतिरिक्त कट भी लगाए जा सकते हैं।


कठुआ सबडिवीजन के 53 हजार उपभोक्ता कनेक्शनों को बिजली सप्लाई करने के लिए 2300 ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था है। इन्हें विभाग पूरी सजगता से मैनेज कर रहा है। इनमें अगर पांच ट्रांसफार्मर भी बंद हो जाते हैं तो हर ओर संकट गहरा जाता है लेकिन लोग इसकी वजह को नियंत्रित करने के लिए विभाग का सहयोग नहीं करते हैं। हजारों की संख्या में लगे हीटर ओवरलोड का कारण बनते हैं। इससे बिजली कटौती होना स्वाभाविक है।

-सुनील शर्मा, एईई कठुआ सबडिवीजन



गत दिन सेवा परियोजना के चालू हो जाने से राहत मिली थी लेकिन एक दिन के बाद ही पुन: वहां से मिलने वाली बिजली सप्लाई बंद हो गई है। अभी फिलहाल उपलब्ध 250 मेगावाट तक बिजली की सप्लाई की जा रही है। आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव आएगा और मांग कम होने के साथ संकट भी खत्म हो जाएगा। जहां तक बिजली कटौती का सवाल है, वह नहीं की जा रही है।
-मदन लाल भगत कार्यकारी अभियंता, एसटीडी विंग बिजली विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed