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Kathua News: बिना असमानता लागू हो आठवां वेतन आयोग
Mon, 23 Jun 2025 09:20 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 23 Jun 2025 09:20 PM IST
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पेंशन भोगियों ने शहर में निकाली रैली, प्रधानमंत्री के लिए डीसी को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। विभिन्न विभागों से सेवानिवृत पेंशन भोगियों ने बिना असमानता आठवां वेतन आयोग लागू करने की मांग की है। इसको लेकर सोमवार को पेंशनभोगियों ने शहर में रैली निकाल कर अपना रोष व्यक्त कर और देश के प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा गया। उन्होंने मांग की है कि आगामी वेतन आयोग में भी पहले के सात वेतन आयोगों की तर्ज पर ही पेंशनभोगियों को उनके लाभ मिलने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पेंशनभोगियों की पेंशन में भविष्य में अगर कटौती होती है तो वे सड़क पर उतर कर इसका विरोध करेंगे। लिहाजा सरकार को आगामी वेतन आयोग की सिफारिशों को जनता के सामने रखना चाहिए। बता दे कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पेंशनर्स यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले पेंशनभोगियों ने प्रदेश स्तर पर आज अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। इसके चलते कठुआ में जिला प्रधान अमर नाथ ठाकुर के नेतृत्व में पहले पेंशनभोगियों ने रोष रैली निकाली। इसके बाद उन्होंने जिला उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ठाकुर ने हाल ही में लोकसभा में पास हुए बजट का हवाला देते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने आगामी आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन में कुछ कटौती करने की वकालत की है। उन्होंने बताया कि जिसमें पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता को खत्म करने की संभावना है। उन्होंने रोष जताया है कि अगर सरकार ऐसा करती है तो यह वर्ष 1982 की सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन होगा। जिसके तहत अब तक पेंशनभोगियों को पेंशन के लाभ मिल रहे है। उन्होंने इस बात पर भी रोष जताया कि लद्दाख में पेंशनभोगियों को मेडिकल भत्ता एक हजार मिल रहा है। जबकि जम्मू -कश्मीर में यही भत्ता पेंशनभोगियों को 300 रुपये दिया जा रहा है। इसके अलावा पेंशनभोगियों ने एक साल पहले सेवानिवृत हुए लोगों के अभी तक सेवानिवृति की बकाया राशि न देने के लिए भी सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते अक्टूबर 2024 से पेंशनभोगियों का 3600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित पड़ी हुई है। जो सेवानिवृत होने पर कर्मचारियों को जीपीएफ, ग्रेजुएटी, कैश इन लिव, एसएलआई या अन्य सुविधा के रूप में मिलती है। पेंशनभोगियों ने चेतावनी दी है कि आगामी 15 अगस्त तक अगर सरकार ने सेवानिवृत हुए कर्मचारियों की बकाया राशि उपलब्ध नहीं करवाई तो वे आने वालों दिनों प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे। इस मौके पर ट्रेड यूनियन नेता और दर्जनों पेंशनभोगी रैली में उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। विभिन्न विभागों से सेवानिवृत पेंशन भोगियों ने बिना असमानता आठवां वेतन आयोग लागू करने की मांग की है। इसको लेकर सोमवार को पेंशनभोगियों ने शहर में रैली निकाल कर अपना रोष व्यक्त कर और देश के प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा गया। उन्होंने मांग की है कि आगामी वेतन आयोग में भी पहले के सात वेतन आयोगों की तर्ज पर ही पेंशनभोगियों को उनके लाभ मिलने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पेंशनभोगियों की पेंशन में भविष्य में अगर कटौती होती है तो वे सड़क पर उतर कर इसका विरोध करेंगे। लिहाजा सरकार को आगामी वेतन आयोग की सिफारिशों को जनता के सामने रखना चाहिए। बता दे कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पेंशनर्स यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले पेंशनभोगियों ने प्रदेश स्तर पर आज अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। इसके चलते कठुआ में जिला प्रधान अमर नाथ ठाकुर के नेतृत्व में पहले पेंशनभोगियों ने रोष रैली निकाली। इसके बाद उन्होंने जिला उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ठाकुर ने हाल ही में लोकसभा में पास हुए बजट का हवाला देते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने आगामी आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन में कुछ कटौती करने की वकालत की है। उन्होंने बताया कि जिसमें पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता को खत्म करने की संभावना है। उन्होंने रोष जताया है कि अगर सरकार ऐसा करती है तो यह वर्ष 1982 की सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन होगा। जिसके तहत अब तक पेंशनभोगियों को पेंशन के लाभ मिल रहे है। उन्होंने इस बात पर भी रोष जताया कि लद्दाख में पेंशनभोगियों को मेडिकल भत्ता एक हजार मिल रहा है। जबकि जम्मू -कश्मीर में यही भत्ता पेंशनभोगियों को 300 रुपये दिया जा रहा है। इसके अलावा पेंशनभोगियों ने एक साल पहले सेवानिवृत हुए लोगों के अभी तक सेवानिवृति की बकाया राशि न देने के लिए भी सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते अक्टूबर 2024 से पेंशनभोगियों का 3600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित पड़ी हुई है। जो सेवानिवृत होने पर कर्मचारियों को जीपीएफ, ग्रेजुएटी, कैश इन लिव, एसएलआई या अन्य सुविधा के रूप में मिलती है। पेंशनभोगियों ने चेतावनी दी है कि आगामी 15 अगस्त तक अगर सरकार ने सेवानिवृत हुए कर्मचारियों की बकाया राशि उपलब्ध नहीं करवाई तो वे आने वालों दिनों प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे। इस मौके पर ट्रेड यूनियन नेता और दर्जनों पेंशनभोगी रैली में उपस्थित रहे।
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