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गर्मी के मौसम में चरमरा गई है जलशक्ति विभाग की आपूर्ति व्यवस्था, कई स्थानों में पेयजल संकट
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कठुआ। जल शक्ति विभाग के खस्ताहाल ढांचे के कारण जिले के कई स्थानों पर लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के लगातार मांग किए जाने के बाद भी विभाग उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा। इस कारण कभी भी लोगों का गुस्सा भड़क सकता है।
कंडी क्षेत्र केे कठेरा पंचायत के वार्ड एक में पिछले कई माह से बंद पड़ी पेयजल आपूर्ति की बहाली किए जाने की मांग को लेकर विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय पहुंची पंच त्रिशला देवी ने बताया कि उनके गांव में पानी की सप्लाई करने वाले फाफल ट्यूबवेल में पिछले एक माह से कोई तकनीकी खराबी आई है, जिसे विभाग ने अब तक ठीक नहीं किया। इसके कारण वार्ड के सैकड़ों परिवारों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दरबदर होना पड़ रहा है।
वहीं, किशनपुर कंडी से सरपंच कुलदीप सिंह ने बताया कि उनके गांव में स्थित ट्यूबवेल पर विभाग की तरफ से नियुक्त कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी की प्यास बुझाने वाले इस ट्यूबवेल पर कहने के लिए तो विभाग ने छह कर्मचारियों की नियुक्ति की है। इनमें से तीन सिविल विंग के और तीन मैकेनिकल विंग हैं। लेकिन, कोई भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी को इमानदारी से नहीं निभा रहा। सभी कर्मचारी केवल कुछ घंटों के लिए अपनी ड्यूटी देने के लिए आते हैं। इस कारण सभी ढांचागत सुविधाएं दुरुस्त होने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।
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कुलदीप सिंह का कहना है कि गर्मी के मौसम के तीन महीनों के दौरान लोगों को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है। इस दौरान भी विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही उनके गांव में पेयजल संकट बढ़ा रही है। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत भी की गई है लेकिन समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह से शहर के वार्ड 14 में विभाग की जगह-जगह लीक हो रही पाइप लाइनों के कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा। जबकि, वार्ड 17 में आवश्यकता के अनुरूप पाइप लाइनों को न लगाए जाने के कारण लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
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कंडी क्षेत्र केे कठेरा पंचायत के वार्ड एक में पिछले कई माह से बंद पड़ी पेयजल आपूर्ति की बहाली किए जाने की मांग को लेकर विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय पहुंची पंच त्रिशला देवी ने बताया कि उनके गांव में पानी की सप्लाई करने वाले फाफल ट्यूबवेल में पिछले एक माह से कोई तकनीकी खराबी आई है, जिसे विभाग ने अब तक ठीक नहीं किया। इसके कारण वार्ड के सैकड़ों परिवारों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दरबदर होना पड़ रहा है।
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वहीं, किशनपुर कंडी से सरपंच कुलदीप सिंह ने बताया कि उनके गांव में स्थित ट्यूबवेल पर विभाग की तरफ से नियुक्त कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी की प्यास बुझाने वाले इस ट्यूबवेल पर कहने के लिए तो विभाग ने छह कर्मचारियों की नियुक्ति की है। इनमें से तीन सिविल विंग के और तीन मैकेनिकल विंग हैं। लेकिन, कोई भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी को इमानदारी से नहीं निभा रहा। सभी कर्मचारी केवल कुछ घंटों के लिए अपनी ड्यूटी देने के लिए आते हैं। इस कारण सभी ढांचागत सुविधाएं दुरुस्त होने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।
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कुलदीप सिंह का कहना है कि गर्मी के मौसम के तीन महीनों के दौरान लोगों को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है। इस दौरान भी विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही उनके गांव में पेयजल संकट बढ़ा रही है। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत भी की गई है लेकिन समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह से शहर के वार्ड 14 में विभाग की जगह-जगह लीक हो रही पाइप लाइनों के कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा। जबकि, वार्ड 17 में आवश्यकता के अनुरूप पाइप लाइनों को न लगाए जाने के कारण लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।