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गली की दशा सुधारे जाने की उठाई मांग
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गली का निर्माण कराए जाने की मांग लेकर बीडीओ कार्यालय पहुंचे चक राम चंद वासी, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। लोगेट पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव चक रामचंद की गलियां खस्ताहाल हैं। स्थानीय लोगों ने ग्रामीण विकास विभाग से मांग की है कि गलियों की दुर्दशा को सुधारा जाए।
मंगलवार को बीडीओ कठुआ रूपाली जसरोटिया से मुलाकात करने पहुंचे गांव के लोगों ने उनकी इस पुरानी समस्या का समाधान करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे बसपा नेता सुनील मजोत्रा ने कहा कि एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान चलाकर पूरे देश में सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद करने के दावे कर रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी न तो कहीं कोई सफाई की व्यवस्था है, और न ही वहां की स्थितियां इस तरह बनाई जा रही हैं, कि लोग खुद से अपने गांव के सार्वजनिक स्थलों, गलियों और नदियों को स्वच्छ रख सकें।
उन्होंने कहा कि शहर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में रहने वाले 50 परिवारों के लिए अब तक बेहतर आवागमन का साधन नहीं है। गांव को जाने वाली गली की दशा ऐसी है कि वहां से गुजरना भी मुश्किल है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है। इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
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लोगों की समस्या सुनने के बाद बीडीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह गांव में पक्की गली बनवाने के लिए व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर फंड जुटाएंगी। और, जितनी जल्दी संभव हो सके , सड़क का निर्माण किसी न किसी योजना के अधीन करवाया जाएगा।
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मंगलवार को बीडीओ कठुआ रूपाली जसरोटिया से मुलाकात करने पहुंचे गांव के लोगों ने उनकी इस पुरानी समस्या का समाधान करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे बसपा नेता सुनील मजोत्रा ने कहा कि एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान चलाकर पूरे देश में सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद करने के दावे कर रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी न तो कहीं कोई सफाई की व्यवस्था है, और न ही वहां की स्थितियां इस तरह बनाई जा रही हैं, कि लोग खुद से अपने गांव के सार्वजनिक स्थलों, गलियों और नदियों को स्वच्छ रख सकें।
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उन्होंने कहा कि शहर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में रहने वाले 50 परिवारों के लिए अब तक बेहतर आवागमन का साधन नहीं है। गांव को जाने वाली गली की दशा ऐसी है कि वहां से गुजरना भी मुश्किल है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है। इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
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लोगों की समस्या सुनने के बाद बीडीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह गांव में पक्की गली बनवाने के लिए व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर फंड जुटाएंगी। और, जितनी जल्दी संभव हो सके , सड़क का निर्माण किसी न किसी योजना के अधीन करवाया जाएगा।