कठुआ। शहर के वार्ड 13 स्थित शास्त्री नगर मोहल्ले में जल शक्ति विभाग की पाइप लाइनों से लगातार बह रहे पानी की समस्या का समाधान न होने पर स्थानीय लोगों ने कड़ा रोष जताया है। शनिवार को मोहल्ले के दर्जनों लोगों ने जल शक्ति विभाग और नगर परिषद के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगले एक-दो दिनों में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह लोग इसके खिलाफ सड़क पर उतरने से भी परहेज नहीं करेंगे।
प्रदर्शनकारियों में शामिल बलबीर सिंह संब्याल ने बताया कि उनके मोहल्ले में पेयजल आपूर्ति को बनाए रखने के लिए करीब 3 वर्ष पूर्व जल शक्ति विभाग की ओर से पाइप लाइनें बिछाई गई थी। लेकिन जब पाइपलाइन बिछाई जा रही थी तभी वहां लगाई जाने वाली पाइप पुरानी लगा दी गई। जिसमें आए दिन होने वाला लीकेज लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। हालत यह है कि लोगों के घरों में कम और सड़कों पर पानी ज्यादा बहता है। जिसके कारण लोगों का अपने घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि जब भी इस बारे में जल शक्ति विभाग के स्थानीय कर्मचारी से शिकायत की जाती है तो वह अपने पास संसाधन का अभाव होने का रोना रोकर समस्या से पल्ला झाड़ लेता है। इस बाबत उन्होंने विभाग के अधिकारियों से भी समस्या उठाई तो उन्होंने पाइप लाइनों को बदलने के बजाय सिर्फ पुरानी ट्यूबों से लीकेज को बंद किया जो अगले 24 घंटे में फिर से शुरू हो गया है। लगातार जगह-जगह से क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों के कारण लोगों के घरों में भी या तो पानी आ नहीं रहा है और अगर कुछ घरों में थोड़ा बहुत पानी आता है तो वह भी इतना गंदा होता है कि उसे पीना संभव नहीं है। वहीं मोहल्ले का नाला भरा हुआ है। जिससे उठने वाली बदबू लोगों को परेशान कर रही है। प्रदर्शनकारियों में शामिल संजय शर्मा ने कहा कि मोहल्ले में जब भी कोई निर्माण होता है तो नगर परिषद वहां नक्शा पास है कि नहीं इसकी जांच करने के लिए आ जाती है, लेकिन समस्या का समाधान करने के लिए उनके पास न वक्त है और न ही संसाधन। जिसके कारण यहां रहने वाले लोगों का जीवन दूभर हो गया है। वहीं, प्रदर्शनकारी देवेंद्र सिंह पप्पी ने कहा कि नगर परिषद से जुड़े लोग सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं। अपनी जमीनों तक पानी की पाइप लाइन बिछवा रहे हैं और सड़क बनवा रहे हैं, ताकि उनके जमीनों के दाम बढ़ जाएं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले दो दिनों में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह लोग इसके खिलाफ सड़क पर उतरेंगे और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों में राजेंद्र सिंह जम्वाल, रमेश कुमार, साधु राम, निर्मल शर्मा, जनक राज आदि भी शामिल रहे।