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Kathua News: कोरोना के दौरान बंद स्कूल को खोलने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। ग्रामीणों ने कोरोना महामारी के दौरान बंद हुए बोबियां पंचायत के प्राइमरी स्कूल करोल विद्दो को दोबारा खोले जाने की मांग की है। सोमवार को कठुआ डीसी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने एडीसी रंजीत सिंह से मुलाकात की और उनके गांव में बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने का हवाला दिया। इस दौरान एडीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस बारे में स्कूली शिक्षा निदेशक को लिखा जाएगा, क्योंकि अंतिम निर्णय उन्हें लेना होता है।
ग्रामीण ओमकार सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में कई स्कूलों को बंद कर दिया गया था। इसमें उनके गांव का भी स्कूल शामिल थे। अब गांव के छोटे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि संपन्न परिवारों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है। जहां से स्कूल बस की सुविधा भी मिलती है। लेकिन गरीब परिवारों को बच्चों को लडवाल गांव के प्राइमरी स्कूल में भेजना पड़ रहा है। यह उनके गांव से 4 किलोमीटर दूर है। बच्चे इतनी दूर स्वयं नहीं जा सकते हैं। इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए कई बार परिवार के सदस्यों को अपनी दिहाड़ी तक तोड़नी पड़ जाती है। वहीं, श्याम लाल ने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार गांव में आने वाले जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्या रखी। एक ओर सरकार हर बच्चे को स्कूल ले जाने के लिए प्रयास कर रही है। वहीं यह स्कूल बंद है। अगर ऐसी ही नीति रहती है तो गांव में बच्चों की शिक्षा ही प्रभावित हो जाएगी।
ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता रवि अबरोल ने प्राइमरी स्कूल करोल विद्दो को खोला जाना चाहिए। इस बारे में एडीसी को लोगों की मांग का ज्ञापन सहित 22 अभिभावकों की सूची भी दी है, जो अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। इस मौके पर रवि कुमार, तरसेम लाल, राज सिंह, पवन सिंह, मोहन लाल आदि ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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कठुआ। ग्रामीणों ने कोरोना महामारी के दौरान बंद हुए बोबियां पंचायत के प्राइमरी स्कूल करोल विद्दो को दोबारा खोले जाने की मांग की है। सोमवार को कठुआ डीसी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने एडीसी रंजीत सिंह से मुलाकात की और उनके गांव में बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने का हवाला दिया। इस दौरान एडीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस बारे में स्कूली शिक्षा निदेशक को लिखा जाएगा, क्योंकि अंतिम निर्णय उन्हें लेना होता है।
ग्रामीण ओमकार सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में कई स्कूलों को बंद कर दिया गया था। इसमें उनके गांव का भी स्कूल शामिल थे। अब गांव के छोटे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि संपन्न परिवारों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है। जहां से स्कूल बस की सुविधा भी मिलती है। लेकिन गरीब परिवारों को बच्चों को लडवाल गांव के प्राइमरी स्कूल में भेजना पड़ रहा है। यह उनके गांव से 4 किलोमीटर दूर है। बच्चे इतनी दूर स्वयं नहीं जा सकते हैं। इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए कई बार परिवार के सदस्यों को अपनी दिहाड़ी तक तोड़नी पड़ जाती है। वहीं, श्याम लाल ने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार गांव में आने वाले जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्या रखी। एक ओर सरकार हर बच्चे को स्कूल ले जाने के लिए प्रयास कर रही है। वहीं यह स्कूल बंद है। अगर ऐसी ही नीति रहती है तो गांव में बच्चों की शिक्षा ही प्रभावित हो जाएगी।
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ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता रवि अबरोल ने प्राइमरी स्कूल करोल विद्दो को खोला जाना चाहिए। इस बारे में एडीसी को लोगों की मांग का ज्ञापन सहित 22 अभिभावकों की सूची भी दी है, जो अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। इस मौके पर रवि कुमार, तरसेम लाल, राज सिंह, पवन सिंह, मोहन लाल आदि ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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