{"_id":"5f76255a8ebc3e9bb80b9294","slug":"demand-kathua-news-jmu219876954","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठुआ में आठ की बजाय 15 खरीद केंद्र खोलने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठुआ में आठ की बजाय 15 खरीद केंद्र खोलने की मांग
विज्ञापन
कठुआ। जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक ने सरकार से किसानों के उत्थान की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की मांग की है। वीरवार को डीसी कार्यालय पहुंचे किसान संगठन के नेताओं ने डीसी को ज्ञापन सौंपा।
किसान तहरीक के प्रांतीय प्रधान बनारसी दास ने कहा कि वर्तमान में धान की फसल तैयार है, लेकिन अभी तक कृषि विभाग किसानों के धान की खरीदा की उपयुक्त व्यवस्था नहीं कर पाया है। संगठन ने जिले में मंजूर आठ की जगह 15 खरीद केंद्र खोलने की मांग की। किसानों द्वारा सिंचाई के लिए पंपसेटों पर लिए गए बिजली के कनेक्शन पर बिल पूरी तरह से माफ करने या फिर उसे प्रयोग किए जाने की तीन माह की अवधि का ही किराया लेने की मांग की। संगठन के जिला प्रधान सेेेवा राम ने बताया कि सिंचाई के लिए बनाई गई नहरों और कूहलों की मरम्मत नहीं की गई है। जिससे अंतिम छोर तक किसानों को पानी नहीं मिलता है। सबसे खस्ताहाल कठुआ कनाल है। जराई गांव में सिंचाई के लिए बनाई गई कूहल में वर्षों से पानी नहीं आया है। कहा कि धान खरीद केंद्र के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की जाती है, लेकिन वह मात्र एक वैरायटी के लिए होती है, जबकि जिले में धान की दर्जनों किस्मों का उत्पादन होता है। जिसकी लागत मूल्य भी ज्यादा होती है, लेकिन सरकार द्वारा इसका कोई समर्थन मूल्य नहीं घोषित किया जाता है। सबसे ज्यादा बासमती उगाने वाले किसान प्रभावित होते हैं। इसका समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए।
--------------------
बरमोरी में दस से खेतों में पड़ा है अनाज
नगरी तहसील के गांव बरमोरी के किसानों ने प्रशासन से खरीद केंद्रों की सुविधा जल्द देने की मांग की है। किसान बोध राज ने बताया कि उनके गांव में फसल तैयार है, लेकिन अभी तक एक खरीद केंद्र शुरू हो पाया है। पिछले दस दिनों से गांव के किसानों ने अपना धान निकाल लिया है, जो कि भंडारण की सुविधा न होने से खेतों में ही पड़ा है। ऐसे में अगर बारिश हो गई तो परेशानी बढ़ जाएगी। किसानों ने डीसी से जल्द खरीद केंद्रों की व्यवस्था की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान तहरीक के प्रांतीय प्रधान बनारसी दास ने कहा कि वर्तमान में धान की फसल तैयार है, लेकिन अभी तक कृषि विभाग किसानों के धान की खरीदा की उपयुक्त व्यवस्था नहीं कर पाया है। संगठन ने जिले में मंजूर आठ की जगह 15 खरीद केंद्र खोलने की मांग की। किसानों द्वारा सिंचाई के लिए पंपसेटों पर लिए गए बिजली के कनेक्शन पर बिल पूरी तरह से माफ करने या फिर उसे प्रयोग किए जाने की तीन माह की अवधि का ही किराया लेने की मांग की। संगठन के जिला प्रधान सेेेवा राम ने बताया कि सिंचाई के लिए बनाई गई नहरों और कूहलों की मरम्मत नहीं की गई है। जिससे अंतिम छोर तक किसानों को पानी नहीं मिलता है। सबसे खस्ताहाल कठुआ कनाल है। जराई गांव में सिंचाई के लिए बनाई गई कूहल में वर्षों से पानी नहीं आया है। कहा कि धान खरीद केंद्र के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की जाती है, लेकिन वह मात्र एक वैरायटी के लिए होती है, जबकि जिले में धान की दर्जनों किस्मों का उत्पादन होता है। जिसकी लागत मूल्य भी ज्यादा होती है, लेकिन सरकार द्वारा इसका कोई समर्थन मूल्य नहीं घोषित किया जाता है। सबसे ज्यादा बासमती उगाने वाले किसान प्रभावित होते हैं। इसका समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए।
विज्ञापन
--------------------
बरमोरी में दस से खेतों में पड़ा है अनाज
नगरी तहसील के गांव बरमोरी के किसानों ने प्रशासन से खरीद केंद्रों की सुविधा जल्द देने की मांग की है। किसान बोध राज ने बताया कि उनके गांव में फसल तैयार है, लेकिन अभी तक एक खरीद केंद्र शुरू हो पाया है। पिछले दस दिनों से गांव के किसानों ने अपना धान निकाल लिया है, जो कि भंडारण की सुविधा न होने से खेतों में ही पड़ा है। ऐसे में अगर बारिश हो गई तो परेशानी बढ़ जाएगी। किसानों ने डीसी से जल्द खरीद केंद्रों की व्यवस्था की मांग की है।
विज्ञापन