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चंडी माता दौला के लिए यात्रा रवाना
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बिलावर। बग्गन गांव से मंगलवार को चंडी माता दौला के दरबार के लिए वार्षिक यात्रा रवाना हुई। यात्रा में गांव के 100 लोग शामिल हुए। इस दौरान महामाई के जयकारे गूंजते रहे।
सरपंच सुरेंद्र सिंह और माता के पुजारी संजय सांजन ने कहा कि यात्रा की शुरुआत वर्ष 1947 में हुई थी। बनी विधानसभा क्षेत्र स्थित चंडी माता दौला के दरबार में माथा टेकने के लिए हर वर्ष लोग जाते हैं। रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे भी लगाए जाते हैं।
यात्रा में शामिल महामाई के भक्तों ने कहा कि शाम पांच बजे महामाई के दरबार में पहुंचेंगे। दौला गांव में रात्रि विश्राम के बाद बुधवार सुबह महामाई के दर्शन करेंगे। इसके बाद वह अपने गांव लौटेंगे। मान्यता है कि महामाई के दर्शन से कष्ट दूर होते हैं। साथ ही वह प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की रक्षा भी करती हैं।
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सरपंच सुरेंद्र सिंह और माता के पुजारी संजय सांजन ने कहा कि यात्रा की शुरुआत वर्ष 1947 में हुई थी। बनी विधानसभा क्षेत्र स्थित चंडी माता दौला के दरबार में माथा टेकने के लिए हर वर्ष लोग जाते हैं। रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे भी लगाए जाते हैं।
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यात्रा में शामिल महामाई के भक्तों ने कहा कि शाम पांच बजे महामाई के दरबार में पहुंचेंगे। दौला गांव में रात्रि विश्राम के बाद बुधवार सुबह महामाई के दर्शन करेंगे। इसके बाद वह अपने गांव लौटेंगे। मान्यता है कि महामाई के दर्शन से कष्ट दूर होते हैं। साथ ही वह प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की रक्षा भी करती हैं।
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