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कलशयात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह शुरू
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कठुआ। शहर के वार्ड 10 में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हो गया है। मंगलवार की सुबह बड़ी संख्या में आयोजन स्थल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
आदियोगी गौतम महाराज की अगुवाई में निकाली गई कलश यात्रा पुराने बस स्टैंड से होती हुई जराई चौक, मुखर्जी चौक से होती हुई प्राचीन बावलियों पर पहुंची। यहां पूजा-अर्चना के साथ कलशों को बावली के जल से भरा और कथा स्थल पर पहुंचे। बैंड-बाजे के साथ जय श्री राधे एवं देवी-देवताओं के नाम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
कथा व्यास आदियोगी गौतम महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मन का शुद्धिकरण होता है। कथा से मानव के अंतर्मन में चल रहे सभी संशय का नाश होता है। इससे हमें असीम शांति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि स्मरण, भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है। श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है।
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आदियोगी गौतम महाराज की अगुवाई में निकाली गई कलश यात्रा पुराने बस स्टैंड से होती हुई जराई चौक, मुखर्जी चौक से होती हुई प्राचीन बावलियों पर पहुंची। यहां पूजा-अर्चना के साथ कलशों को बावली के जल से भरा और कथा स्थल पर पहुंचे। बैंड-बाजे के साथ जय श्री राधे एवं देवी-देवताओं के नाम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
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कथा व्यास आदियोगी गौतम महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मन का शुद्धिकरण होता है। कथा से मानव के अंतर्मन में चल रहे सभी संशय का नाश होता है। इससे हमें असीम शांति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि स्मरण, भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है। श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है।
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