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गुरु के ज्ञान का प्रकाश दिखाता है मंजिल का रास्ता
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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर छन्न अरोड़ियां में महामाया माता मंदिर परिसर में सत्संग का आयोजन किया गया। यहां आई संगत ने मंदिर के महंत मोहनगिरी महाराज का आशीर्वाद लेकर प्रभु का गुणगान किया।
संगत को जीवन में गुरु के महत्व का ज्ञान देते हुए कथावाचक साईं शास्त्री ने कहा कि गुरु के बिना जीवन अंधकार में ही होता है। हम तब तक अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकते, जब तक इस मार्ग पर गुरु के ज्ञान का प्रकाश न पड़े।
आप जिसे भी अपना गुरु मानते हैं, उसके अनुभव से मिलने वाला ज्ञान हर शिक्षा से ऊपर है। यही ज्ञान हमें जीवन में आने वाले हर उतार-चढ़ाव से निपटना सिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु का आदर सम्मान करने वालों पर भगवान की भी विशेष कृपा रहती है।
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जो लोग जीवन में किसी को गुरु नहीं मानते या उसका निरादर करते हैं, वह कभी भी सफल नहीं होते हैं। बच्चों को भी गुरुओं का आदर करना सिखाएं और अच्छे संस्कार दें। इसके बाद उन्होंने भजन भी सुनाए।
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संगत को जीवन में गुरु के महत्व का ज्ञान देते हुए कथावाचक साईं शास्त्री ने कहा कि गुरु के बिना जीवन अंधकार में ही होता है। हम तब तक अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकते, जब तक इस मार्ग पर गुरु के ज्ञान का प्रकाश न पड़े।
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आप जिसे भी अपना गुरु मानते हैं, उसके अनुभव से मिलने वाला ज्ञान हर शिक्षा से ऊपर है। यही ज्ञान हमें जीवन में आने वाले हर उतार-चढ़ाव से निपटना सिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु का आदर सम्मान करने वालों पर भगवान की भी विशेष कृपा रहती है।
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जो लोग जीवन में किसी को गुरु नहीं मानते या उसका निरादर करते हैं, वह कभी भी सफल नहीं होते हैं। बच्चों को भी गुरुओं का आदर करना सिखाएं और अच्छे संस्कार दें। इसके बाद उन्होंने भजन भी सुनाए।