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वासुकी नाग मंदिर में उमड़ रहे श्रद्धालु
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सावन मास के मौके पर बनी के डंडी गुट्टू पंचायत स्थित प्रसिद्ध वासुकी नाग मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। क्षेत्र के हजारों लोग मंदिर में पूजा के आ रहे हैं। कई नेता भी माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को मंदिर में पूजा करने के लिए आने वालों में जिला विकास परिषद की सदस्य रीता ठाकुर, पूर्व मंत्री प्रेम सागर अजीज और पूर्व विधायक जीवन लाल मुख्य रूप से शामिल रहे।
सोमवार को मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान जयकारों से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने नाग देवता के दर्शन किए।
मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि नागों की धरती कहे जाने वाले बनी क्षेत्र में प्राचीन काल से उनकी पूजा विधिविधान से किए जाने की परंपरा है। क्योंकि यहां के लोगों की मान्यता है कि नाग देवता के आशीष के कारण से क्षेत्र के लोग हर तरह की समस्याओं और आपदाओं से बचे रहते हैं। सोमवार को कमेटी द्वारा लोगों के सहयोग से भंडारे का आयोजन किया गया।
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उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा देने का प्रयास किया जाता है। लेकिन मंदिर के पास सार्वजनिक आवासीय सुविधा न होने के कारण आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंदिर का मार्ग पैदल होने के कारण आसपास के लोग तो गांव में स्थित अपने परिचितों के घर पर रात गुजार लेते हैं। लेकिन बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने सरकार से धर्मशाला का निर्माण करवाने की मांग की है।
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सोमवार को मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान जयकारों से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने नाग देवता के दर्शन किए।
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मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि नागों की धरती कहे जाने वाले बनी क्षेत्र में प्राचीन काल से उनकी पूजा विधिविधान से किए जाने की परंपरा है। क्योंकि यहां के लोगों की मान्यता है कि नाग देवता के आशीष के कारण से क्षेत्र के लोग हर तरह की समस्याओं और आपदाओं से बचे रहते हैं। सोमवार को कमेटी द्वारा लोगों के सहयोग से भंडारे का आयोजन किया गया।
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उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा देने का प्रयास किया जाता है। लेकिन मंदिर के पास सार्वजनिक आवासीय सुविधा न होने के कारण आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंदिर का मार्ग पैदल होने के कारण आसपास के लोग तो गांव में स्थित अपने परिचितों के घर पर रात गुजार लेते हैं। लेकिन बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने सरकार से धर्मशाला का निर्माण करवाने की मांग की है।