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Kathua News: करोड़ों रुपये खर्च, लेकिन तीमारदार अब भी फर्श पर

Sat, 21 Jun 2025 12:45 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sat, 21 Jun 2025 12:45 AM IST
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Crores of rupees spent, but the attendants are still on the floor
 जीएमसी कठुआ में मरीजों के साथ आए तीमारदार। संवाद - फोटो : kathua
कठुआ। 500 बेड की क्षमता वाले जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जीएमसी कठुआ में मरीजों के तीमारदारों के लिए आश्रय का कोई प्रबंध नहीं है। इस कारण यहां भर्ती होने वाले मरीजों के सैकड़ों तीमारदारों को अस्पताल के लॉबी और गैलरी में रात गुजारनी पड़ रही है।
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परिसर में अलग से आश्रय न होने का परिणाम यह है जहां तहां समय व्यतीत करने वाले तीमारदार तो परेशान हैं, वहीं इससे अस्पताल का अनुशासन भी प्रभावित होता है। सबसे ज्यादा इस स्थिति का फायदा परिसर में सक्रिय चोर उठा रहे हैं, जो कभी किसी के मोबाइल तो कभी पर्स पर हाथ साफ कर रहे हैं। करीब छह साल पुराने इस संस्थान में इस समस्या पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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तीमारदार बद्रीनाथ का कहना है कि यहां चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं। इस समस्या से सबसे ज्यादा जिला के बिलावर, बसोहली और बनी जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से आए मरीजों के परिजनों को विशेष रूप से मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैै। संवाद
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तीमारदारों को आश्रय न होना एक बड़ी समस्या है। परिसर में तीमारदारों के लिए आश्रय की जरूरत है। इसे तैयार करने पर विचार किया जा रहा है।

- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य, जीएमसी कठुआ
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