{"_id":"60e356258ebc3ec7d87729f0","slug":"crop-kathua-news-jmu238845137","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलू और लैवेंडर फार्म के लिए सरथल और ढग्गर में जमीन चिन्हित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलू और लैवेंडर फार्म के लिए सरथल और ढग्गर में जमीन चिन्हित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। बनी सब डिवीजन में इस बार आलू की बंपर पैदावार को देखते हुए कृषि विभाग अब सरथल और डुग्गन ब्लॉक के इलाकों को आलू फार्म के रूप में विकसित करने की तैयारी में हैं।
तीन दिवसीय बनी दौरे पर पहुंचे मुख्य कृषि अधिकारी ने सब डिवीजन के विभिन्न इलाकों में बैठक के उपरांत किसानों से विचार विमर्श के बाद सरथल, ढग्गर, भुरड़ी इलाकों में आलू फार्म के लिए जगह चिन्हित की हैं। इसके अलावा ट्रायल के तौर पर लगाए गए लैवेंडर के सफल परिणाम को देखते हुए लैवेंडर कलस्टर के रूप में भी क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी की गई है।
10 साल की अवधि के बाद कृषि विभाग ने अपने मधुमक्खी पालन फार्म को भी एक बार फिर सरथल की ओर स्थानांतरित कर दिया है। कुदरती खूबसूरती और खुशनुमा मौसम के अलावा क्षेत्र का वातावरण कृषि, हार्टिकल्चर और एपीकल्चर के लिए मुफीद है। ऐसे में विभाग किसानों की आय को बढ़ाने की लिए इन कमाऊ फसलों की ओर उनका ध्यान खींचने में जुट गया है।
विज्ञापन
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि सरथल और ढग्गर में सौ-सौ कनाल से अधिक जमीन आलू फार्म के लिए चिन्हित की गई हैं, जिससे पहाड़ी आलू के बीज इन्हीं इलाकों में तैयार किए जा सकेंगे। और, उन्हें बेहतर बाजार भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके अलावा लैवेंडर की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों की पहचान करने के साथ उनके जागरूक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
तीन दिवसीय बनी दौरे पर पहुंचे मुख्य कृषि अधिकारी ने सब डिवीजन के विभिन्न इलाकों में बैठक के उपरांत किसानों से विचार विमर्श के बाद सरथल, ढग्गर, भुरड़ी इलाकों में आलू फार्म के लिए जगह चिन्हित की हैं। इसके अलावा ट्रायल के तौर पर लगाए गए लैवेंडर के सफल परिणाम को देखते हुए लैवेंडर कलस्टर के रूप में भी क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी की गई है।
विज्ञापन
10 साल की अवधि के बाद कृषि विभाग ने अपने मधुमक्खी पालन फार्म को भी एक बार फिर सरथल की ओर स्थानांतरित कर दिया है। कुदरती खूबसूरती और खुशनुमा मौसम के अलावा क्षेत्र का वातावरण कृषि, हार्टिकल्चर और एपीकल्चर के लिए मुफीद है। ऐसे में विभाग किसानों की आय को बढ़ाने की लिए इन कमाऊ फसलों की ओर उनका ध्यान खींचने में जुट गया है।
विज्ञापन
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि सरथल और ढग्गर में सौ-सौ कनाल से अधिक जमीन आलू फार्म के लिए चिन्हित की गई हैं, जिससे पहाड़ी आलू के बीज इन्हीं इलाकों में तैयार किए जा सकेंगे। और, उन्हें बेहतर बाजार भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके अलावा लैवेंडर की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों की पहचान करने के साथ उनके जागरूक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।