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उज्ज दरिया में जलस्तर बढ़ने से 30 कनाल भूमि पर लगी फसल बर्बाद
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बारिश के बाद उज्ज दरिया में जलस्तर बढ़ने से पानी खेतों में जा घुसा। इससे करीब 30 कनाल भूमि पर लगी फसल को नुकसान पहुंचा है। लगातार हुई बारिश के चलते बुधवार सुबह दरिया का पानी सुरक्षा बांध न होने के कारण छब्बे चक, तंगदे पूरा, रामपुरा गांवों के खेतों में भर गया। तेज बहाव के कारण कृषि भूमि भी पानी में बह गई।
मढ़ीन से डीडीसी सदस्य कर्ण कुमार ने तहसीलदार गुलशन बसोत्रा के साथ प्रभावित इलाके में हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान कुछ किसानों ने कहा कि दरिया के किनारे सुरक्षा बांध की व्यवस्था न होने के कारण खेतों में जलभराव हो जाता है। कई बार यहां सुरक्षा बांध बनाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। धीरे-धीरे भूमि का कटाव हो रहा है और खेत खत्म होते जा रहे हैं।
डीडीसी सदस्य ने आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए बांध का काम शुरू कराने के लिए सरकार में बैठे नेताओं से बात करेंगे। बरसात शुरू होने से पहले बांध बनाने का काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेतों में पानी भरने से करीब 30 कनाल भूमि पर लगी फसल खराब हुई है। उसके मुआवजे के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात करेंगे। तहसीलदार ने भी आश्वस्त करते हुए कहा कि जिन फसलों का नुकसान हुआ है, उसके लिए कमेटी बनाकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद मुआवजे के लिए उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
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मढ़ीन से डीडीसी सदस्य कर्ण कुमार ने तहसीलदार गुलशन बसोत्रा के साथ प्रभावित इलाके में हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान कुछ किसानों ने कहा कि दरिया के किनारे सुरक्षा बांध की व्यवस्था न होने के कारण खेतों में जलभराव हो जाता है। कई बार यहां सुरक्षा बांध बनाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। धीरे-धीरे भूमि का कटाव हो रहा है और खेत खत्म होते जा रहे हैं।
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डीडीसी सदस्य ने आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए बांध का काम शुरू कराने के लिए सरकार में बैठे नेताओं से बात करेंगे। बरसात शुरू होने से पहले बांध बनाने का काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेतों में पानी भरने से करीब 30 कनाल भूमि पर लगी फसल खराब हुई है। उसके मुआवजे के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात करेंगे। तहसीलदार ने भी आश्वस्त करते हुए कहा कि जिन फसलों का नुकसान हुआ है, उसके लिए कमेटी बनाकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद मुआवजे के लिए उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
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