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कठुआ के साथ जम्मू से भी जुड़े हैं लिंग जांच गिरोह के तार

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कठुआ के साथ जम्मू से भी जुड़े हैं लिंग जांच गिरोह के तार
कठुआ। जम्मू-कश्मीर में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना को लेकर करोड़ों रुपये खर्च कर आम लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया गया, इसके बावजूद लिंग जांच रुकने का नाम नहीं ले रही है। पंजाब में विशेष टीम द्वारा गत सप्ताह पकड़े गए गिरोह के तार कठुआ से जुड़ने की बात पहले ही सामने आ चुकी है। जांच टीम के सदस्यों की मानें तो इसमें जम्मू के कुछ अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग सेंटरों की मिलीभगत भी जल्द सामने आ सकती है।
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सूत्रों की मानें तो पंजाब पुलिस जांच के लिए कठुआ आने की तैयारी में है। इसके लिए कोर्ट से वारंट लेने और पुलिस के उच्च अधिकारियों से अनुमति का इंतजार किया जा रहा है। चंडीगढ़ से लिंग निर्धारण गिरोह के लिए गठित जांच टीम के निदेशक रमेश दत्त ने बताया कि अब तक की पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने कठुआ और जम्मू के अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग सेंटरों की मिलीभगत का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर सरकार सहयोग करे, तो वहां जारी इस गोरखधंधे के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की नाक तले पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसी पीएनडीटी एक्ट) 1994 की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हैरत इस बात की है कि खुफिया एजेंसियों को भी इस गोरखधंधे की खबर नहीं है। उधर, मामला प्रकाश में आने के तुरंत बाद कठुआ में स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम तो गठित कर दी गई लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट अधिकारियों को नहीं सौंपी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग बाकायदा समय-समय पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच करता है। यहां तक कि इन सेंटरों को सीसीटीवी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के दावों के विपरीत सीसीटीवी कैमरों को अल्ट्रासाउंड और स्कैनिंग सेंटर ही नियंत्रित करते हैं। यहां तक कि किए जाने वाले हर अल्ट्रासाउंड को बाकायदा ऑनलाइन फीड किया जाता है, लेकिन गिरोह के सामने आने के बाद कई सवाल भी सामने आए हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कोई अल्ट्रासाउंड स्कैन सेंटर लिंग निर्धारण के लिए जांच करता है और उसे आनलाइन नहीं करता तो ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को इसकी किस तरह से खबर होगी। देश में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का लिंगानुपात तेजी से घट रहा है। इसे देखते हुए इस तरह के घिनौने अपराधों को अंजाम देने और संरक्षण देने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। जिस तरह से पंजाब में लिंग निर्धारण गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। इससे ऐसे अपराध करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
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