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‘पाकिस्तानी गोलाबारी से जान बचाने की आड़ में हुआ भ्रष्टाचार’
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कठुआ। आईबी पर रहने वाले ग्रामीणों ने सरकार पर पाकिस्तानी गोलाबारी से उनकी जान बचाने की आड़ में भ्रष्टाचार को फलने-फूलने देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में प्रदर्शन भी किया, लेकिन सरकार सोती रही। अब जो बंकर बना कर दिए गए हैं, उसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। बंकरों की दीवारों से पानी रिस रहा है। ज्यादातर बंकरों में पानी भरा हुआ है, इसलिए लोग सरकार से भयंकर गुस्से में हैं।
मनियारी गांव के निवासी बुट्टा राम ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो बंकर बनवाए हैं, उसमें इंसानों का रहना तो दूर जानवर भी नहीं रह सकते हैं। हर बंकर में पानी भरा हुआ है। इसके लिए इनका निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार और इंजीनियर जिम्मेदार हैं। कई बार हम घटिया मैटेरियल की शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बंकर निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की जांच की मांग की है।
मनियारी गांव की निवासी रेनू बाला ने बताया कि बंकर बनने के बाद भी हम पाकिस्तानी गोलाबारी से खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। सरकार ने भले ही हमारे लिए इस सुविधा का नाम लिया हो, लेकिन हमारे लिए यह आफत से कम नहीं है। बंकर पानी में डूबे हैं। दीवारों से पानी रिस रहा है। इसी तरह से पानी बंकरों में भरता रहा तो हम गोलाबारी से तो बच्चे सकते हैं, लेकिन यहां भरे पानी में हमारे बच्चे डूब जाएंगे। इसका काम करा रहे ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। उसी का नतीजा है कि पानी बंकरों के भीतर घुस रहा है।
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मनियारी के ही रहने वाले अशोक कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने अपने वादे के मुताबिक यहां बंकर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। अभी भी बहुत से इलाकों में बंकर बनाने का काम चल रहा है। हमारे गांव में भी जो बंकर बने हैं उनका काम मुकम्मल नहीं हुआ है। और जितना काम हुआ है उसमें गुणवत्ता का कोई ख्याल नहीं रखा गया है। दीवारों में से पानी का रिसाव हो रहा है। घटिया मैटीरियल का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह के बंकर हमारे लिए सुविधा नहीं बल्कि एक तरह की परेशानी हैं। इसलिए उनकी मांग है कि जिस तरह से अंतररराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की जान बचाने के नाम पर बंकर निर्माण के बहाने भ्रष्टाचार किया जा रहा है, इसकी जांच करवाई जाए।
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मनियारी गांव के निवासी बुट्टा राम ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो बंकर बनवाए हैं, उसमें इंसानों का रहना तो दूर जानवर भी नहीं रह सकते हैं। हर बंकर में पानी भरा हुआ है। इसके लिए इनका निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार और इंजीनियर जिम्मेदार हैं। कई बार हम घटिया मैटेरियल की शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बंकर निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की जांच की मांग की है।
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मनियारी गांव की निवासी रेनू बाला ने बताया कि बंकर बनने के बाद भी हम पाकिस्तानी गोलाबारी से खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। सरकार ने भले ही हमारे लिए इस सुविधा का नाम लिया हो, लेकिन हमारे लिए यह आफत से कम नहीं है। बंकर पानी में डूबे हैं। दीवारों से पानी रिस रहा है। इसी तरह से पानी बंकरों में भरता रहा तो हम गोलाबारी से तो बच्चे सकते हैं, लेकिन यहां भरे पानी में हमारे बच्चे डूब जाएंगे। इसका काम करा रहे ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। उसी का नतीजा है कि पानी बंकरों के भीतर घुस रहा है।
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मनियारी के ही रहने वाले अशोक कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने अपने वादे के मुताबिक यहां बंकर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। अभी भी बहुत से इलाकों में बंकर बनाने का काम चल रहा है। हमारे गांव में भी जो बंकर बने हैं उनका काम मुकम्मल नहीं हुआ है। और जितना काम हुआ है उसमें गुणवत्ता का कोई ख्याल नहीं रखा गया है। दीवारों में से पानी का रिसाव हो रहा है। घटिया मैटीरियल का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह के बंकर हमारे लिए सुविधा नहीं बल्कि एक तरह की परेशानी हैं। इसलिए उनकी मांग है कि जिस तरह से अंतररराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की जान बचाने के नाम पर बंकर निर्माण के बहाने भ्रष्टाचार किया जा रहा है, इसकी जांच करवाई जाए।